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कोई सूचना न हो तो शेष साझेदारों का पुराना आपसी अनुपात ही नया अनुपात होता है। इसलिए अ और ब का नया अनुपात 5:4 है। / If no information is given the old mutual ratio of continuing partners becomes the new ratio. Therefore A and B new ratio is 5:4.
ब को हटाने के बाद शेष अ स और द के पुराने हिस्से 2:4:1 हैं। कोई सूचना न हो तो यही नया अनुपात बनता है। / After removing B the old shares of A C and D are 2:4:1. If no information is given this becomes the new ratio.
A. पुराना हिस्सा जमा ग्रहण हिस्सा/Old share plus gained share
Explanation
Simple Explanation
सेवानिवृत्त या मृत साझेदार का हिस्सा शेष साझेदारों में जुड़ता है। इसलिए नया हिस्सा पुराने हिस्से और ग्रहण हिस्से का योग होता है। / The retiring or deceased partner share is added to continuing partners. So new share is the sum of old share and gained share.
A. शेष साझेदारों द्वारा अतिरिक्त लाभ हिस्सा ग्रहण करने का अनुपात/Ratio in which continuing partners acquire extra profit share
Explanation
Simple Explanation
ग्रहण अनुपात बताता है कि शेष साझेदारों ने किस अनुपात में लाभ हिस्सा बढ़ाया। यह सद्भावना क्षतिपूर्ति में बहुत उपयोगी होता है। / Gaining ratio shows the ratio in which continuing partners increased their profit share. It is very useful in goodwill compensation.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 7:5:3 है। स सेवानिवृत्त हो जाता है और उसका हिस्सा अ तथा ब 2:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
कुल अनुपात 7+5+3=15 है। स का हिस्सा 3/15 है। अ को इसका 2/3 अर्थात 2/15 और ब को 1/3 अर्थात 1/15 प्राप्त होगा। इसलिए अ का नया हिस्सा 7/15+2/15=9/15 तथा ब का नया हिस्सा 5/15+1/15=6/15 होगा। अतः नया अनुपात 9:6 अर्थात 3:2 है। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा प्राप्त करने का अनुपात हमेशा उसके पुराने हिस्से में जोड़ें। / The total ratio is 7+5+3=15, so C’s share is 3/15. A acquires 2/3 of C’s share, which is 2/15, while B acquires 1/3, which is 1/15. Therefore, A’s new share is 7/15+2/15=9/15 and B’s is 5/15+1/15=6/15. Thus, the new ratio is 9:6, simplified to 3:2. Exam tip: Add each partner’s acquired portion of the retiring partner’s share to that partner’s old share.
अ, ब और स लाभ-हानि को 3:2:5 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और उसका हिस्सा अ तथा ब 1:4 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ और ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
स का मूल हिस्सा 5/10 था। स के सेवानिवृत्त होने पर अ को उसके हिस्से का 1/5, अर्थात 1/10, और ब को 4/5, अर्थात 4/10, प्राप्त होता है। इसलिए अ का नया हिस्सा 3/10 + 1/10 = 4/10 और ब का नया हिस्सा 2/10 + 4/10 = 6/10 होगा। 4:6 को सरल करने पर नया अनुपात 2:3 मिलता है। ध्यान रखें कि 1:4 प्राप्ति अनुपात है, नया लाभ-विभाजन अनुपात नहीं। / C’s original share was 5/10. When C retires, A acquires 1/5 of C’s share, which is 1/10, while B acquires 4/5 of C’s share, which is 4/10. Thus, A’s new share is 3/10 + 1/10 = 4/10, and B’s new share is 2/10 + 4/10 = 6/10. Simplifying 4:6 gives the new ratio 2:3. Exam tip: 1:4 is the gaining ratio, not the new profit-sharing ratio.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 4:3:2 है। ब की मृत्यु हो जाती है और अ तथा स, ब का हिस्सा 3:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
ब का मूल हिस्सा 3/9 है। अ को इसका 3/4 भाग यानी 1/4 और स को 1/4 भाग यानी 1/12 प्राप्त होता है। इसलिए अ का नया हिस्सा 4/9 + 1/4 = 25/36 तथा स का नया हिस्सा 2/9 + 1/12 = 11/36 होगा। अतः नया अनुपात 25:11 है। परीक्षा-युक्ति: मृत साझेदार का हिस्सा प्राप्त करने का अनुपात केवल प्राप्त भागों पर लागू करें, मूल हिस्सों पर नहीं। / B’s original share is 3/9. A acquires 3/4 of it, which is 1/4, while C acquires 1/4 of it, which is 1/12. Therefore, A’s new share is 4/9 + 1/4 = 25/36 and C’s new share is 2/9 + 1/12 = 11/36. Hence, the new ratio is 25:11. Exam tip: Apply the acquisition ratio only to the deceased partner’s share, not to the partners’ original shares.
अ का हिस्सा 1/10 है। बराबर लेने पर ब और स को 1/20 प्रत्येक मिलता है इसलिए नए हिस्से 9/20 और 11/20 हैं। / A share is 1/10. Equal acquisition gives B and C 1/20 each so new shares are 9/20 and 11/20.
अ का ग्रहण हिस्सा 5/7 - 6/10 = 8/70 है और ब का 2/7 - 1/10 = 13/70 है। इसलिए अनुपात 8:13 है। / A gained share is 5/7 - 6/10 = 8/70 and B gained share is 2/7 - 1/10 = 13/70. So the ratio is 8:13.
अ का gain 2/5 - 3/10 = 1/10 है और ब का gain 3/5 - 2/10 = 4/10 है। इसलिए ब अधिक हिस्सा ग्रहण करता है। / A gain is 2/5 - 3/10 = 1/10 and B gain is 3/5 - 2/10 = 4/10. Therefore B gains more share.
ग्रहण अनुपात वही अनुपात है जिसमें शेष साझेदार सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा लेते हैं। इसलिए यह 7:5 होगा। / Gaining ratio is the same ratio in which continuing partners take the retiring partner share. Hence it will be 7:5.
A. शेष साझेदारों के पुराने आपसी अनुपात जैसा/Same as old mutual ratio of continuing partners
Explanation
Simple Explanation
पुराने आपसी अनुपात में हिस्सा लेने पर शेष साझेदारों का आपसी संबंध नहीं बदलता। इसलिए नया अनुपात वही रहता है। / When share is acquired in old mutual ratio the mutual relation of continuing partners does not change. So new ratio remains the same.
अ, ब और स लाभ-हानि को 5:3:2 के अनुपात में बाँटते हैं। स के सेवानिवृत्त होने के बाद अ और ब का नया अनुपात 10:6 निर्धारित किया गया है। अ और ब का सरल नया अनुपात क्या होगा?
नए अनुपात 10:6 के दोनों पदों का महत्तम समापवर्तक 2 है। दोनों पदों को 2 से भाग देने पर 10:6 = 5:3 प्राप्त होता है, इसलिए सरल नया अनुपात 5:3 है। 10:6 असरल रूप है, जबकि 3:5 में साझेदारों का क्रम उलट जाता है। परीक्षा-युक्ति: अनुपात को अंतिम उत्तर के रूप में लिखने से पहले उसके पदों का सामान्य गुणनखंड अवश्य हटाएँ। / The greatest common divisor of the terms 10 and 6 is 2. Dividing both terms by 2 gives 10:6 = 5:3, so the simplified new ratio is 5:3. The ratio 10:6 is not in lowest terms, while 3:5 reverses the order of the partners. Exam tip: always divide the terms by their greatest common divisor before recording a final ratio.
ब को हटाने के बाद शेष अ स और द का पुराना आपसी अनुपात 5:4:1 है। कोई सूचना न हो तो यही नया अनुपात होगा। / After removing B the old mutual ratio of A C and D is 5:4:1. If no information is given this is the new ratio.
अ का पुराना हिस्सा 3/(3+1+6) = 3/10 था। स के सेवानिवृत्त होने के बाद नया अनुपात 2:1 है, इसलिए अ का नया हिस्सा 2/3 होगा। अतः अ का प्राप्त हिस्सा = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = 2/3 − 3/10 = 20/30 − 9/30 = 11/30। 3/10 अ का पुराना हिस्सा है, प्राप्त हिस्सा नहीं। परीक्षा-युक्ति: किसी साझेदार का प्राप्त हिस्सा हमेशा उसके नए हिस्से और पुराने हिस्से के अंतर के बराबर होता है। / A’s old share was 3/(3+1+6) = 3/10. After C’s retirement, the new ratio of A and B is 2:1, so A’s new share is 2/3. Therefore, A’s gain = new share − old share = 2/3 − 3/10 = 20/30 − 9/30 = 11/30. The value 3/10 is A’s old share, not the gain. Exam tip: A partner’s gaining share is calculated as new share minus old share.
अ, ब और स लाभों को 3:1:6 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 2:1 हो जाता है। ब का लाभांश में प्राप्ति-अंश (gaining share) कितना है?
ब का पुराना लाभांश \(1/(3+1+6)=1/10\) था। सेवानिवृत्ति के बाद नए अनुपात 2:1 में ब का नया लाभांश \(1/(2+1)=1/3\) है। इसलिए ब का प्राप्ति-अंश = नया अंश − पुराना अंश = \(1/3-1/10=10/30-3/30=7/30\)। परीक्षा में gaining share निकालते समय हमेशा नए अंश में से पुराने अंश को घटाएँ। / B’s old profit share was \(1/(3+1+6)=1/10\). After C’s retirement, B’s new share in the 2:1 ratio is \(1/(2+1)=1/3\). Therefore, B’s gaining share = new share − old share = \(1/3-1/10=10/30-3/30=7/30\). Exam tip: for a gaining partner, subtract the old share from the new share.
A. भविष्य के लाभ और हानि शेष साझेदारों में बांटने के लिए/To share future profits and losses among continuing partners
Explanation
Simple Explanation
सेवानिवृत्ति या मृत्यु के बाद केवल शेष साझेदार फर्म चलाते हैं। इसलिए भविष्य के लाभ हानि के लिए नया अनुपात आवश्यक है। / After retirement or death only continuing partners run the firm. Therefore new ratio is required for future profits and losses.
A. सेवानिवृत्त साझेदार की सद्भावना क्षतिपूर्ति/Goodwill compensation of retiring partner
Explanation
Simple Explanation
ग्रहण अनुपात बताता है कि किसने अतिरिक्त लाभ हिस्सा पाया। इसलिए सद्भावना की क्षतिपूर्ति शेष साझेदारों से इसी अनुपात में कराई जाती है। / Gaining ratio shows who got extra profit share. Therefore goodwill compensation is made from continuing partners in this ratio.
जब नया अनुपात स्पष्ट दिया हो तो भविष्य के लाभ हानि उसी से बांटे जाते हैं। ग्रहण अनुपात केवल gain निकालने के लिए अलग से काम आता है। / When new ratio is clearly given future profits and losses are shared in that ratio. Gaining ratio is separately used to find gains.
द का हिस्सा 1/10 है और 2:1:2 में अ को 1/25 ब को 1/50 और स को 1/25 मिलता है। नए हिस्से 17/50 21/50 और 12/50 हैं। / D share is 1/10 and in 2:1:2 A gets 1/25 B gets 1/50 and C gets 1/25. New shares are 17/50 21/50 and 12/50.
अ का gain 4/7 - 5/10 = 1/14 है और ब का gain 3/7 - 3/10 = 9/70 है। समान हर पर अनुपात 5:9 नहीं बल्कि 1:11 नहीं बनेगा यह विकल्प जाँचें। / A gain is 4/7 - 5/10 = 1/14 and B gain is 3/7 - 3/10 = 9/70. With common denominator the ratio is 5:9 not 1:11.
पुराने अनुपात में अ का हिस्सा 5/10 और ब का हिस्सा 3/10 था। नए अनुपात में अ का हिस्सा 4/7 तथा ब का हिस्सा 3/7 है। इसलिए अ का लाभ = 4/7 − 5/10 = 5/70 और ब का लाभ = 3/7 − 3/10 = 9/70। अतः ग्रहण अनुपात = 5:9। विकल्प 4:3 नया लाभ-विभाजन अनुपात है, ग्रहण अनुपात नहीं। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात निकालने के लिए प्रत्येक नए साझेदार का नया हिस्सा − पुराना हिस्सा करें। / Under the old ratio, A's share was 5/10 and B's share was 3/10. Under the new ratio, A's share is 4/7 and B's share is 3/7. Therefore, A's gain = 4/7 − 5/10 = 5/70, while B's gain = 3/7 − 3/10 = 9/70. Hence, the gaining ratio is 5:9. Option 4:3 is the new profit-sharing ratio, not the gaining ratio. Exam tip: Calculate each partner's gain as new share − old share, then compare the gains.
अ, ब और स लाभों को 4:4:2 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 7:5 हो जाता है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
A. अ ने ब की तुलना में अधिक हिस्सा प्राप्त किया/A gained more share than B
Explanation
Simple Explanation
सेवानिवृत्ति से पहले अ और ब प्रत्येक का हिस्सा 4/10 था। नए अनुपात में अ का हिस्सा 7/12 हो गया, इसलिए उसका लाभ = 7/12 − 4/10 = 11/60 है। ब का हिस्सा 5/12 हुआ, इसलिए उसका लाभ = 5/12 − 4/10 = 1/60 है। अतः अ ने ब से अधिक हिस्सा प्राप्त किया। परीक्षा-युक्ति: लाभ की तुलना करने के लिए प्रत्येक साझेदार के पुराने और नए हिस्से का अंतर निकालें। / Before retirement, both A and B had a share of 4/10. Under the new ratio, A’s share becomes 7/12, so A’s gain is 7/12 − 4/10 = 11/60. B’s share becomes 5/12, so B’s gain is 5/12 − 4/10 = 1/60. Therefore, A gained more than B. Exam tip: Compare the gain of each continuing partner by subtracting the old share from the new share.
अ, ब और स लाभों को 4:4:2 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 7:5 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराना अनुपात 4:4:2 होने पर अ का पुराना हिस्सा 4/10 और ब का 4/10 था। नए अनुपात 7:5 में अ का हिस्सा 7/12 और ब का 5/12 है। इसलिए अ का लाभ 7/12 − 4/10 = 11/60 तथा ब का लाभ 5/12 − 4/10 = 1/60 है। अतः ग्रहण अनुपात 11/60:1/60 = 11:1 होगा। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा; सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा इसमें शामिल नहीं किया जाता। / Under the old ratio 4:4:2, A's share was 4/10 and B's share was 4/10. Under the new ratio 7:5, A's share is 7/12 and B's share is 5/12. Thus, A's gain is 7/12 − 4/10 = 11/60, while B's gain is 5/12 − 4/10 = 1/60. Therefore, the gaining ratio is 11/60:1/60 = 11:1. Exam tip: Gaining ratio = new share − old share; the retired partner's share is not included in the gaining ratio.
द का हिस्सा 1/10 है और 3:2:1 में स को 1/60 मिलता है। स का नया हिस्सा 2/10 + 1/60 = 13/60 है। / D share is 1/10 and in 3:2:1 C gets 1/60. C new share is 2/10 plus 1/60 which equals 13/60.
अ, ब, स और द लाभों को 4:3:2:1 के अनुपात में बाँटते हैं। द के सेवानिवृत्त होने पर अ, ब और स उसके लाभांश को 3:2:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
द का मूल लाभांश 1/10 है। इसे 3:2:1 में बाँटने पर अ, ब और स को क्रमशः 1/20, 1/30 और 1/60 अतिरिक्त मिलता है। मूल हिस्से 24/60, 18/60 और 12/60 में ये वृद्धि जोड़ने पर नए हिस्से 27/60, 20/60 और 13/60 प्राप्त होते हैं। इसलिए नया अनुपात 27:20:13 है। विकल्प 4:3:2 केवल पुराना अनुपात है और उसमें द के हिस्से का पुनर्वितरण शामिल नहीं है। परीक्षा-युक्ति: पहले सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा निकालकर उसे प्राप्त करने वाले साझेदारों के अनुपात में बाँटें। / D’s original share is 1/10. On distributing it in the ratio 3:2:1, A, B and C gain 1/20, 1/30 and 1/60 respectively. Their original shares are 4/10, 3/10 and 2/10, or 24/60, 18/60 and 12/60. Adding the gains gives 27/60, 20/60 and 13/60, so the new ratio is 27:20:13. The ratio 4:3:2 merely retains the old ratio among A, B and C without adding D’s redistributed share. Exam tip: first calculate the retiring partner’s share, then distribute it according to the gaining ratio.
अ का gain 5/10 - 2/10 = 3/10 है और ब का gain 5/10 - 3/10 = 2/10 है। इसलिए ग्रहण अनुपात 3:2 है। / A gain is 5/10 - 2/10 = 3/10 and B gain is 5/10 - 3/10 = 2/10. So gaining ratio is 3:2.
अ का नया हिस्सा 5/9 है जो पुराने 6/10 से कम है। ब का हिस्सा 4/9 है और उसका gain 13/90 है इसलिए ब ने gain किया। / A new share 5/9 is less than old 6/10. B share is 4/9 and his gain is 13/90 so B gained.
A. अ ने 2/45 हिस्सा त्याग किया / A sacrificed 2 / 45 share
Explanation
Simple Explanation
अ का पुराना हिस्सा 3/5 और नया हिस्सा 5/9 है। नया हिस्सा पुराने से 2/45 कम है इसलिए अ ने त्याग किया। / A old share is 3/5 and new share is 5/9. The new share is lower by 2/45 so A sacrificed.
सेवानिवृत्ति के बाद शेष साझेदारों के नए और पुराने हिस्सों की तुलना करने पर यदि एक साझेदार का हिस्सा बढ़े और दूसरे का घटे, तो ग्रहण अनुपात निकालते समय कौन-सी सावधानी रखनी चाहिए?
A. ग्रहण अनुपात में केवल धनात्मक बढ़ोतरी वाले साझेदारों को शामिल करें/Include only partners showing positive increases in the gaining ratio
Explanation
Simple Explanation
ग्रहण अनुपात निकालने के लिए प्रत्येक शेष साझेदार का अंतर इस प्रकार निकाला जाता है: नया हिस्सा − पुराना हिस्सा। धनात्मक अंतर लाभ या gain दर्शाता है, जबकि ऋणात्मक अंतर sacrifice दर्शाता है; इसलिए ऋणात्मक अंतर को ग्रहण अनुपात में शामिल नहीं किया जाता। विकल्प B गलत है क्योंकि ऋणात्मक अंतर को धनात्मक बनाना साझेदार के वास्तविक sacrifice को छिपा देगा। परीक्षा-युक्ति: पहले प्रत्येक साझेदार का अलग-अलग अंतर निकालें, फिर केवल धनात्मक अंतरों का अनुपात लें। / For each continuing partner, calculate the change as: new share − old share. A positive difference represents a gain, whereas a negative difference represents a sacrifice; therefore, a negative difference must not be included in the gaining ratio. Option B is incorrect because converting a negative difference into a positive one would ignore the partner’s actual sacrifice. Exam tip: calculate the difference for every partner separately, then form the ratio using only the positive differences.
साझेदार A, B और C लाभ को 5:2:3 के अनुपात में बाँटते हैं। C के सेवानिवृत्त होने पर A और B का नया लाभ-विभाजन अनुपात 7:3 हो जाता है। A का लाभ-अनुपात (gain) कितना है?
A का पुराना हिस्सा \(\frac{5}{5+2+3}=\frac{5}{10}\) था। नया अनुपात 7:3 होने पर A का नया हिस्सा \(\frac{7}{10}\) है। इसलिए A का लाभ \(\frac{7}{10}-\frac{5}{10}=\frac{2}{10}=\frac{1}{5}\) होगा। परीक्षा-युक्ति: किसी साझेदार का gain = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा। / A’s old share was \(\frac{5}{5+2+3}=\frac{5}{10}\). Under the new ratio of 7:3, A’s new share is \(\frac{7}{10}\). Therefore, A’s gain is \(\frac{7}{10}-\frac{5}{10}=\frac{2}{10}=\frac{1}{5}\). Exam tip: Gain of a partner = New share − Old share.
साझेदार A, B और C लाभ-विभाजन अनुपात 5:2:3 में हैं। C के सेवानिवृत्त होने पर A और B का नया लाभ-विभाजन अनुपात 7:3 हो जाता है। B का लाभ (gaining share) कितना है?
B का पुराना हिस्सा 2/10 था। नए अनुपात 7:3 में B का हिस्सा 3/10 है। इसलिए B का लाभ = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = 3/10 − 2/10 = 1/10। परीक्षा में gain निकालते समय हमेशा नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाएँ। / B’s old share was 2/10. In the new ratio of 7:3, B’s share is 3/10. Therefore, B’s gaining share = new share − old share = 3/10 − 2/10 = 1/10. Exam tip: calculate a partner’s gain by subtracting the old share from the new share.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 5:2:3 है। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 7:3 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में अ का हिस्सा 5/10 और ब का हिस्सा 2/10 था। नए अनुपात में अ का हिस्सा 7/10 तथा ब का हिस्सा 3/10 है। इसलिए अ का लाभ = 7/10 − 5/10 = 1/5 और ब का लाभ = 3/10 − 2/10 = 1/10। अतः ग्रहण अनुपात = 1/5 : 1/10 = 2:1। 7:3 नया अनुपात है, ग्रहण अनुपात नहीं। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात = नया अनुपात − पुराना अनुपात। / Under the old ratio, A's share was 5/10 and B's share was 2/10. Under the new ratio, A receives 7/10 and B receives 3/10. Therefore, A's gain is 7/10 − 5/10 = 1/5, while B's gain is 3/10 − 2/10 = 1/10. Hence, the gaining ratio is 1/5 : 1/10 = 2:1. The ratio 7:3 is the new ratio, not the gaining ratio. Exam tip: Gaining ratio = New ratio − Old ratio.
अ, ब और स लाभ-हानि को 1:2:7 के अनुपात में बाँटते हैं। स के सेवानिवृत्त होने के बाद अ और ब का नया अनुपात 2:3 हो जाता है। अ का नया लाभ-हिस्सा कितना होगा?
सेवानिवृत्ति के बाद अ और ब का नया अनुपात 2:3 है। नए अनुपात के कुल भाग = 2+3 = 5। इसलिए अ का नया लाभ-हिस्सा = 2/5। विकल्प C, 3/5, ब का नया हिस्सा है, जबकि 1/10 अ का पुराना हिस्सा था; अतः पुराने अनुपात से भ्रमित नहीं होना चाहिए। परीक्षा-युक्ति: जिस साझेदार का नया हिस्सा पूछा गया हो, नए अनुपात में उसके भाग को कुल नए भागों से भाग दें। / After C’s retirement, A and B share profits in the new ratio 2:3. The total parts are 2+3 = 5, so A’s new share is 2/5. Option C, 3/5, is B’s new share, while 1/10 was A’s old share; therefore, the old ratio should not be used for this calculation. Exam tip: Divide the partner’s part in the new ratio by the total parts of that ratio.
अ का gain 2/5 - 1/10 = 3/10 है और ब का gain 3/5 - 2/10 = 4/10 है। इसलिए ग्रहण अनुपात 3:4 है। / A gain is 2/5 - 1/10 = 3/10 and B gain is 3/5 - 2/10 = 4/10. Therefore gaining ratio is 3:4.
द का हिस्सा 4/10 है और 1:1:2 में अ को 1/10 ब को 1/10 और स को 2/10 मिलता है। नए हिस्से 4/10 2/10 और 4/10 हैं। / D share is 4/10 and in 1:1:2 A gets 1/10 B gets 1/10 and C gets 2/10. New shares are 4/10 2/10 and 4/10.
अ, ब, स और द का लाभ-विभाजन अनुपात 3:1:2:4 है। द के सेवानिवृत्त होने पर उसका हिस्सा अ, ब और स 1:1:2 के अनुपात में लेते हैं। अ, ब और स का सरल नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
कुल अनुपात 10 है, इसलिए द का हिस्सा 4/10 है। इसे अ, ब और स में 1:1:2 के अनुपात में बाँटने पर उन्हें क्रमशः 1/10, 1/10 और 2/10 अतिरिक्त मिलते हैं। अतः नए हिस्से अ = 4/10, ब = 2/10 और स = 4/10 होंगे। इसलिए नया अनुपात 4:2:4 = 2:1:2 है। 3:1:2 पुराना अनुपात है, जबकि 1:1:2 केवल द का हिस्सा लेने का अनुपात है। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा पहले निकालकर, दिए गए अधिग्रहण अनुपात में बाँटें। / The total ratio is 10, so D’s share is 4/10. Distributing this share among A, B and C in the ratio 1:1:2 gives them additional shares of 1/10, 1/10 and 2/10, respectively. Thus, their new shares are A = 4/10, B = 2/10 and C = 4/10. Therefore, the new ratio is 4:2:4, which simplifies to 2:1:2. The ratio 3:1:2 is the old ratio, while 1:1:2 is only the ratio for taking over D’s share. Exam tip: First calculate the retiring partner’s share, then distribute it according to the stated gain ratio.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 2:6:2 है। ब सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा स का नया लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 हो जाता है। अ का लाभांश में अभिलाभ (gaining share) कितना है?
अ का पुराना लाभांश 2/(2+6+2) = 2/10 = 1/5 था। नए अनुपात 3:2 में अ का नया लाभांश 3/5 है। इसलिए अ का अभिलाभ = नया लाभांश − पुराना लाभांश = 3/5 − 1/5 = 2/5। विकल्प B केवल अ का नया लाभांश है, अभिलाभ नहीं। परीक्षा-टिप: अभिलाभ निकालने के लिए नए लाभांश में से पुराने लाभांश को घटाएँ। / A's old share was 2/(2+6+2) = 2/10 = 1/5. Under the new ratio 3:2, A's new share is 3/5. Therefore, A's gain = new share − old share = 3/5 − 1/5 = 2/5. Option B is A's new share, not the gain. Exam tip: Always subtract the old share from the new share to calculate a partner's gain.
अ, ब और स लाभों को 2:6:2 के अनुपात में बाँटते हैं। ब सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा स का नया लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 हो जाता है। स का लाभ-अनुपात (gain) कितना है?
स का पुराना हिस्सा 2/(2+6+2) = 2/10 = 1/5 था। नए अनुपात 3:2 में स का नया हिस्सा 2/5 है। अतः स का लाभ = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = 2/5 − 1/5 = 1/5। विकल्प 2/5 केवल स का नया हिस्सा है, लाभ नहीं। परीक्षा-युक्ति: लाभ ज्ञात करने के लिए हमेशा नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाएँ। / C’s old share was 2/(2+6+2) = 2/10 = 1/5. Under the new ratio of 3:2, C’s new share is 2/5. Therefore, C’s gain = new share − old share = 2/5 − 1/5 = 1/5. The fraction 2/5 is C’s new share, not the gain. Exam tip: Always subtract the old share from the new share to calculate gain.
पुराने अनुपात में A और C के हिस्से क्रमशः 2/10 और 2/10 थे। नए अनुपात में A का हिस्सा 3/5 और C का हिस्सा 2/5 है। इसलिए A का लाभ = 3/5 − 2/10 = 2/5 तथा C का लाभ = 2/5 − 2/10 = 1/5। अतः ग्रहण अनुपात = 2/5 : 1/5 = 2:1। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात निकालने के लिए प्रत्येक नए साझेदार के नए हिस्से में से उसका पुराना हिस्सा घटाएँ। / Under the old ratio, A and C had shares of 2/10 and 2/10 respectively. Under the new ratio, A receives 3/5 and C receives 2/5. Therefore, A’s gain is 3/5 − 2/10 = 2/5, while C’s gain is 2/5 − 2/10 = 1/5. Hence, the gaining ratio is 2/5 : 1/5 = 2:1. Exam tip: Calculate each gaining partner’s gain by subtracting the old share from the new share.
अ, ब, स और द का लाभ-विभाजन अनुपात 1:2:3:4 है। अ की मृत्यु के बाद उसका हिस्सा ब, स और द 1:2:2 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। ब, स और द का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
अ का मूल हिस्सा 1/10 है। इसे ब, स और द 1:2:2 में बाँटते हैं, इसलिए उन्हें क्रमशः 1/50, 2/50 और 2/50 प्राप्त होंगे। ब का नया हिस्सा 2/10 + 1/50 = 11/50, स का 3/10 + 2/50 = 17/50 और द का 4/10 + 2/50 = 22/50 होगा। अतः नया अनुपात 11:17:22 है। परीक्षा-युक्ति: मृत साझेदार का हिस्सा हमेशा दिए गए अधिग्रहण अनुपात में बाँटकर प्रत्येक शेष साझेदार के पुराने हिस्से में जोड़ें। / A’s original share is 1/10. This share is acquired by B, C and D in the ratio 1:2:2, so their respective gains are 1/50, 2/50 and 2/50. Therefore, B’s new share is 2/10 + 1/50 = 11/50, C’s is 3/10 + 2/50 = 17/50, and D’s is 4/10 + 2/50 = 22/50. Hence, the new ratio is 11:17:22. Exam tip: Divide the deceased partner’s share according to the gaining ratio and add each gain to the partner’s old share.
द का पुराना हिस्सा 4/10 है और उसे अ के हिस्से से 1/25 मिलता है। नया हिस्सा 4/10 + 1/25 = 1/2 है। / D old share is 4/10 and he gets 1/25 from A share. New share is 4/10 plus 1/25 equals 1/2.
अ, ब और स लाभों को 3:3:4 के अनुपात में बाँटते हैं। स के सेवानिवृत्त होने पर अ और ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 5:5 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
अ का पुराना हिस्सा \(3/10\) और नया हिस्सा \(5/10\) है, इसलिए उसका लाभ \(2/10\) है। इसी प्रकार, ब का भी पुराना हिस्सा \(3/10\) से बढ़कर \(5/10\) हो जाता है, इसलिए उसका लाभ भी \(2/10\) है। अतः ग्रहण अनुपात \(2/10:2/10=1:1\) होगा। ध्यान रखें कि ग्रहण अनुपात नए हिस्से और पुराने हिस्से के अंतर से निकाला जाता है, केवल नए अनुपात से नहीं। / A’s old share was \(3/10\), and the new share is \(5/10\); therefore, A gains \(2/10\). Similarly, B also gains \(2/10\), since its share rises from \(3/10\) to \(5/10\). Hence, the gaining ratio is \(2/10:2/10=1:1\). Exam tip: calculate each continuing partner’s gain as new share minus old share; do not treat the new ratio itself as the gaining ratio.
अ, ब और स लाभों को 3:4:3 के अनुपात में बाँटते हैं। अ के सेवानिवृत्त होने पर ब और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात 7:5 हो जाता है। ब का लाभ-अंश (gain) कितना होगा?
ब का पुराना लाभ-अंश 4/(3+4+3) = 4/10 है। अ के सेवानिवृत्त होने के बाद ब का नया अंश 7/(7+5) = 7/12 है। इसलिए ब का लाभ = नया अंश − पुराना अंश = 7/12 − 4/10 = 35/60 − 24/60 = 11/60। विकल्प B केवल ब का नया अंश बताता है, लाभ नहीं। परीक्षा-टिप: किसी साझेदार का gain हमेशा उसके नए अंश और पुराने अंश के अंतर से निकाला जाता है। / B’s old share was 4/(3+4+3) = 4/10. After A’s retirement, B’s new share is 7/(7+5) = 7/12. Therefore, B’s gain = New share − Old share = 7/12 − 4/10 = 35/60 − 24/60 = 11/60. Option B is only B’s new share, not the gain. Exam tip: Calculate a partner’s gain by subtracting the old share from the new share.
अ, ब और स लाभ-हानि को 3:4:3 के अनुपात में बाँटते हैं। अ के सेवानिवृत्त होने के बाद ब और स का नया अनुपात 7:5 हो जाता है। स का लाभ-अनुपात (gain) कितना है?
स का पुराना हिस्सा \(3/(3+4+3)=3/10\) था। नए अनुपात 7:5 में स का नया हिस्सा \(5/(7+5)=5/12\) है। इसलिए स का लाभ = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = \(5/12-3/10=(25-18)/60=7/60\)। ध्यान रखें कि gain हमेशा नए हिस्से और पुराने हिस्से के अंतर से निकाला जाता है। / C's old share was \(3/(3+4+3)=3/10\). Under the new ratio 7:5, C's new share is \(5/(7+5)=5/12\). Therefore, C's gain = new share − old share = \(5/12-3/10=(25-18)/60=7/60\). Exam tip: gain is calculated as the excess of the new share over the old share.
अ, ब और स लाभ-हानि को 3:4:3 के अनुपात में बाँटते हैं। अ सेवानिवृत्त हो जाता है और ब तथा स का नया अनुपात 7:5 हो जाता है। ब और स का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में ब का हिस्सा 4/10 = 24/60 और स का हिस्सा 3/10 = 18/60 था। नए अनुपात 7:5 में ब का हिस्सा 7/12 = 35/60 तथा स का हिस्सा 5/12 = 25/60 होगा। इसलिए ब का लाभ = 35/60 − 24/60 = 11/60 और स का लाभ = 25/60 − 18/60 = 7/60। अतः ग्रहण अनुपात 11:7 है। परीक्षा-टिप: ग्रहण अनुपात = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा लेकर प्रत्येक साझेदार के लाभों का अनुपात होता है। / Under the old ratio, B’s share was 4/10 = 24/60 and C’s share was 3/10 = 18/60. Under the new ratio of 7:5, B’s share becomes 7/12 = 35/60 and C’s share becomes 5/12 = 25/60. Therefore, B’s gain is 35/60 − 24/60 = 11/60, while C’s gain is 25/60 − 18/60 = 7/60. Hence, the gaining ratio is 11:7. Exam tip: Calculate each partner’s gain as new share minus old share, then compare the gains.
A. ब ने gain किया और स ने sacrifice किया/B gained and C sacrificed
Explanation
Simple Explanation
ब 3/10 से 5/10 हुआ इसलिए gain 2/10 है। स 5/10 पर ही है इसलिए sacrifice नहीं किया यह विकल्प सावधानी से देखें। / B moved from 3/10 to 5/10 so gained 2/10. C stayed at 5/10 so did not sacrifice.
A. केवल ब ने हिस्सा ग्रहण किया/Only B gained share
Explanation
Simple Explanation
ब का हिस्सा 3/10 से 5/10 हुआ और स का हिस्सा 5/10 ही रहा। इसलिए केवल ब ने अ का हिस्सा ग्रहण किया। / B share increased from 3/10 to 5/10 and C share remained 5/10. Therefore only B gained A share.
अ, ब और स लाभों को 2:3:5 के अनुपात में बाँटते हैं। अ की मृत्यु हो जाती है और ब तथा स का नया लाभ-विभाजन अनुपात 5:5 हो जाता है। ब और स का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराना अनुपात 2:3:5 होने से ब और स के पुराने हिस्से क्रमशः 3/10 और 5/10 हैं। नया अनुपात 5:5 अर्थात 1/2:1/2 है। इसलिए ब का लाभ = 5/10 − 3/10 = 2/10, जबकि स का लाभ = 5/10 − 5/10 = 0। अतः ग्रहण अनुपात 2/10:0 = 1:0 होगा। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात निकालने के लिए नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाएँ। / Under the old ratio 2:3:5, B and C had shares of 3/10 and 5/10 respectively. The new ratio 5:5 means each receives 1/2, or 5/10. Therefore, B’s gain is 5/10 − 3/10 = 2/10, while C’s gain is 5/10 − 5/10 = 0. Hence, the gaining ratio is 2/10:0 = 1:0. Exam tip: Calculate each partner’s gain by subtracting the old share from the new share.
स का हिस्सा 3/10 है। 2:2:1 में बांटने पर अ ब द के नए हिस्से 26/50 16/50 और 8/50 होते हैं इसलिए सरल अनुपात 13:8:4 है। / C share is 3/10. Dividing it in 2:2:1 gives new shares of A B D as 26/50 16/50 and 8/50 so the simplified ratio is 13:8:4.
कोई सूचना न हो तो शेष साझेदारों का पुराना आपसी अनुपात ही नया अनुपात होता है। इसलिए अ ब और द का अनुपात 3:2:1 होगा। / If no information is given the old mutual ratio of continuing partners becomes the new ratio. So A B and D ratio will be 3:2:1.
पुराने आपसी अनुपात में हिस्सा लेने पर शेष साझेदारों का अनुपात नहीं बदलता। अ और स का पुराना आपसी अनुपात 7:4 है। / When the share is acquired in old mutual ratio the ratio of continuing partners does not change. A and C old mutual ratio is 7:4.
स का हिस्सा 2/10 है और बराबर लेने पर अ तथा ब को 1/10 प्रत्येक मिलता है। नए हिस्से 6/10 और 4/10 हैं इसलिए अनुपात 3:2 है। / C share is 2/10 and equal acquisition gives 1/10 each to A and B. New shares are 6/10 and 4/10 so the ratio is 3:2.
स का हिस्सा 5/12 है। अ को 2/12 और ब को 3/12 मिलता है इसलिए दोनों के नए हिस्से 6/12 और 6/12 हैं। / C share is 5/12. A gets 2/12 and B gets 3/12 so both new shares become 6/12 and 6/12.
अ, ब और स लाभ को 6:2:2 के अनुपात में बाँटते हैं। अ की मृत्यु हो जाती है और ब तथा स, अ का हिस्सा 1:2 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। ब और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
अ का लाभांश 6/10 है। ब को अ के हिस्से का 1/3, अर्थात् 2/10, और स को 2/3, अर्थात् 4/10, प्राप्त होता है। इसलिए ब का नया हिस्सा 2/10 + 2/10 = 4/10 और स का नया हिस्सा 2/10 + 4/10 = 6/10 होगा। अतः नया अनुपात 4:6 = 2:3 है। ध्यान रखें कि प्राप्त अनुपात को पुराने हिस्सों में जोड़ने के बाद सरलतम रूप में बदलना चाहिए। / A’s profit share is 6/10. B acquires 1/3 of A’s share, which is 2/10, while C acquires 2/3, which is 4/10. Therefore, B’s new share is 2/10 + 2/10 = 4/10, and C’s new share is 2/10 + 4/10 = 6/10. Thus, the new ratio is 4:6 = 2:3. The ratio 1:2 is only the proportion in which A’s share is acquired, not the final ratio of B and C.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 2:6:2 है। ब सेवानिवृत्त हो जाता है तथा अ और स, ब का हिस्सा 3:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
ब का मूल हिस्सा 6/10 = 12/20 है। 3:1 के अनुसार अ को इसका 3/4, अर्थात 9/20, और स को 1/4, अर्थात 3/20, प्राप्त होगा। अ का नया हिस्सा 4/20 + 9/20 = 13/20 तथा स का नया हिस्सा 4/20 + 3/20 = 7/20 है। इसलिए नया अनुपात 13:7 होगा। ध्यान रखें कि 3:1 केवल ब के हिस्से के अधिग्रहण का अनुपात है, नया लाभ-विभाजन अनुपात नहीं। / B’s original share is 6/10 = 12/20. In the 3:1 acquisition ratio, A receives 3/4 of B’s share, or 9/20, while C receives 1/4, or 3/20. A’s new share is 4/20 + 9/20 = 13/20, and C’s new share is 4/20 + 3/20 = 7/20. Therefore, the new ratio is 13:7. Remember that 3:1 is the gaining ratio for B’s share, not the final profit-sharing ratio.
अ का gain 5/10 - 1/10 = 4/10 है और ब का gain 5/10 - 3/10 = 2/10 है। इसलिए ग्रहण अनुपात 2:1 है। / A gain is 5/10 - 1/10 = 4/10 and B gain is 5/10 - 3/10 = 2/10. So gaining ratio is 2:1.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 7:2:1 है। स के सेवानिवृत्त होने पर अ और ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 निर्धारित किया गया। अ के हिस्से पर क्या प्रभाव पड़ा?
A. अ ने 1/10 हिस्सा त्याग किया / A sacrificed 1 / 10 share
Explanation
Simple Explanation
अ का पुराना हिस्सा 7/(7+2+1) = 7/10 था। नया अनुपात 3:2 होने पर अ का नया हिस्सा 3/5 = 6/10 होगा। इसलिए अ का हिस्सा 7/10 से घटकर 6/10 हो गया, अर्थात उसने 1/10 हिस्सा त्याग किया। विकल्प B गलत है क्योंकि अ का हिस्सा बढ़ा नहीं, घटा है। परीक्षा-युक्ति: नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाने पर त्याग या ग्रहण का पता चलता है। / A’s old share was 7/(7+2+1) = 7/10. Under the new ratio 3:2, A’s new share is 3/5 = 6/10. Thus, A’s share decreases from 7/10 to 6/10, so A sacrifices 1/10. Option B is incorrect because A’s share has decreased, not increased. Exam tip: Subtract the old share from the new share; a negative result indicates sacrifice, while a positive result indicates gain.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 4:3:2 है। स की मृत्यु के बाद अ और ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 5:4 हो जाता है। ब का प्राप्ति-अंश (gaining share) कितना है?
ब का पुराना लाभांश \(\frac{3}{4+3+2}=\frac{3}{9}\) था। स की मृत्यु के बाद अ और ब का नया अनुपात 5:4 है, इसलिए ब का नया लाभांश \(\frac{4}{5+4}=\frac{4}{9}\) होगा। अतः ब का प्राप्ति-अंश = नया अंश − पुराना अंश = \(\frac{4}{9}-\frac{3}{9}=\frac{1}{9}\)। विकल्प C केवल ब का पुराना अंश दर्शाता है। परीक्षा-युक्ति: प्राप्ति-अंश हमेशा नए अंश और पुराने अंश के अंतर से निकालें। / B’s old share was \(\frac{3}{4+3+2}=\frac{3}{9}\). After C’s death, the new ratio of A and B is 5:4, so B’s new share is \(\frac{4}{5+4}=\frac{4}{9}\). Therefore, B’s gaining share = new share − old share = \(\frac{4}{9}-\frac{3}{9}=\frac{1}{9}\). Option C is only B’s old share, not the gain. Exam tip: Calculate a gaining share as the new share minus the old share.
अ, ब और स लाभ-हानि को 3:5:2 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया अनुपात 2:3 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराना अनुपात 3:5:2 होने पर अ का पुराना हिस्सा 3/10 और ब का 5/10 था। नए अनुपात 2:3 में अ का हिस्सा 2/5 = 4/10 तथा ब का हिस्सा 3/5 = 6/10 है। इसलिए अ का लाभ 4/10 − 3/10 = 1/10 और ब का लाभ 6/10 − 5/10 = 1/10 है। अतः ग्रहण अनुपात 1/10:1/10 = 1:1 होगा। ध्यान रखें कि 2:3 नया अनुपात है, ग्रहण अनुपात नहीं। / Under the old ratio 3:5:2, A’s share was 3/10 and B’s share was 5/10. Under the new ratio 2:3, A’s share becomes 2/5 = 4/10 and B’s share becomes 3/5 = 6/10. Thus, A gains 4/10 − 3/10 = 1/10, while B gains 6/10 − 5/10 = 1/10. Therefore, their gaining ratio is 1/10:1/10 = 1:1. Remember that 2:3 is the new ratio, not the gaining ratio.
स का हिस्सा 5/10 है। अ को 3/10 और ब को 2/10 मिलता है इसलिए दोनों के नए हिस्से 5/10 और 5/10 हैं। / C share is 5/10. A gets 3/10 and B gets 2/10 so both new shares become 5/10 and 5/10.
अ, ब और स लाभों को 3:4:3 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और उसका हिस्सा अ तथा ब 1:2 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ और ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
स का मूल हिस्सा \(3/10\) है। इसे अ और ब 1:2 में लेते हैं, इसलिए अ को \(1/10\) और ब को \(2/10\) प्राप्त होते हैं। अ का नया हिस्सा \(3/10+1/10=4/10\), जबकि ब का नया हिस्सा \(4/10+2/10=6/10\) होगा। अतः नया अनुपात \(4:6=2:3\) है। ध्यान रखें कि 1:2 केवल त्याग या प्राप्ति का अनुपात है, नया लाभ-विभाजन अनुपात नहीं। / C’s original share is \(3/10\). Since A and B acquire it in the ratio 1:2, A receives \(1/10\) and B receives \(2/10\). A’s new share is \(3/10+1/10=4/10\), while B’s new share is \(4/10+2/10=6/10\). Therefore, the new ratio is \(4:6=2:3\). Remember that 1:2 is the ratio in which the retiring partner’s share is acquired, not the new profit-sharing ratio.
अ, ब और स लाभ को क्रमशः 2:5:3 के अनुपात में बाँटते हैं। अ के सेवानिवृत्त होने पर ब और स उसके हिस्से को 2:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। ब और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
अ का मूल हिस्सा \(2/10=1/5\) है। ब, अ के हिस्से का \(2/3\) अर्थात \(2/15\) प्राप्त करता है और स को \(1/3\) अर्थात \(1/15\) मिलता है। इसलिए ब का नया हिस्सा \(5/10+2/15=19/30\), जबकि स का नया हिस्सा \(3/10+1/15=11/30\) होगा। अतः नया अनुपात \(19/30:11/30=19:11\) है। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा पहले निकालकर, उसे प्राप्त करने वाले साझेदारों में दिए गए अनुपात में बाँटें। / A’s original share is \(2/10=1/5\). B acquires \(2/3\) of A’s share, i.e. \(2/15\), while C acquires \(1/3\), i.e. \(1/15\). Thus, B’s new share is \(5/10+2/15=19/30\), and C’s new share is \(3/10+1/15=11/30\). Therefore, the new ratio is \(19/30:11/30=19:11\). Exam tip: First calculate the retiring partner’s share, then distribute it among the gaining partners in the stated gaining ratio.
ब का हिस्सा 1/10 है। बराबर लेने पर अ और स को 1/20 प्रत्येक मिलता है इसलिए नए हिस्से 17/20 और 3/20 हैं। / B share is 1/10. Equal acquisition gives A and C 1/20 each so new shares are 17/20 and 3/20.
द के हटने पर अ ब और स का पुराना आपसी अनुपात 2:3:1 है। कोई सूचना न हो तो यही नया अनुपात होगा। / After D is removed old mutual ratio of A B and C is 2:3:1. If no information is given this is the new ratio.
अ, ब, स और द लाभ-हानि को 1:2:3:4 के अनुपात में बाँटते हैं। द सेवानिवृत्त हो जाता है और अ, ब तथा स उसके लाभ में बराबर-बराबर हिस्सा प्राप्त करते हैं। अ, ब और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
द का पुराना हिस्सा कुल 10 में से 4, अर्थात् 4/10 था। यह हिस्सा अ, ब और स को बराबर मिलने पर प्रत्येक को 4/30 प्राप्त होगा। इसलिए नए हिस्से क्रमशः 1/10 + 4/30 = 7/30, 2/10 + 4/30 = 10/30 और 3/10 + 4/30 = 13/30 होंगे। अतः नया अनुपात 7:10:13 है। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा बराबर मिलने पर प्रत्येक साझेदार के पुराने हिस्से में उस हिस्से का समान अंश जोड़ें। / D’s old share was 4 out of 10, i.e. 4/10. Since this share is acquired equally by A, B and C, each receives 4/30. Therefore, their new shares are 1/10 + 4/30 = 7/30, 2/10 + 4/30 = 10/30, and 3/10 + 4/30 = 13/30. Hence, the new ratio is 7:10:13. Exam tip: When the retiring partner’s share is acquired equally, add an equal fraction of that share to each continuing partner’s old share.
अ, ब, स और द का लाभ-विभाजन अनुपात 3:2:4:1 है। ब के सेवानिवृत्त होने पर अ, स और द उसके हिस्से को 1:2:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
ब का हिस्सा 2/10 है। इसे 1:2:1 में बाँटने पर अ को 1/20, स को 1/10 और द को 1/20 प्राप्त होगा। इसलिए नए हिस्से क्रमशः अ = 3/10 + 1/20 = 7/20, स = 4/10 + 1/10 = 10/20 और द = 1/10 + 1/20 = 3/20 होंगे। अतः नया अनुपात 7:10:3 है। 1:2:1 केवल ब के हिस्से के अधिग्रहण का अनुपात है, नया कुल अनुपात नहीं। परीक्षा-युक्ति: पहले सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा ज्ञात करके उसे नए साझेदारों के त्याग/अधिग्रहण अनुपात में बाँटें। / B’s share is 2/10. Dividing it in the ratio 1:2:1 gives A an additional 1/20, C an additional 1/10, and D an additional 1/20. Therefore, the new shares are A = 3/10 + 1/20 = 7/20, C = 4/10 + 1/10 = 10/20, and D = 1/10 + 1/20 = 3/20. Hence, the new ratio is 7:10:3. The ratio 1:2:1 represents only the distribution of B’s acquired share, not the final profit-sharing ratio. Exam tip: First calculate the retiring partner’s share, then distribute it according to the stated acquisition ratio.
स का हिस्सा 3/10 है। अ को 1/10 ब को 3/20 और द को 1/20 मिलता है इसलिए नए हिस्से 10/20 5/20 और 5/20 हैं। / C share is 3/10. A gets 1/10 B gets 3/20 and D gets 1/20 so new shares are 10/20 5/20 and 5/20.
पुराने अनुपात में हिस्सा लेने पर शेष साझेदारों का आपसी अनुपात वही रहता है। इसलिए अ ब स का नया अनुपात 5:2:2 होगा। / When share is taken in old ratio the mutual ratio of continuing partners remains unchanged. Therefore A B C new ratio is 5:2:2.
अ का हिस्सा 2/10 है। ब को 1/20 स को 1/20 और द को 1/10 मिलता है इसलिए नए हिस्से 9/20 3/20 और 8/20 हैं। / A share is 2/10. B gets 1/20 C gets 1/20 and D gets 1/10 so new shares are 9/20 3/20 and 8/20.
A. भविष्य के लाभ और हानि बांटने के लिए/To share future profits and losses
Explanation
Simple Explanation
सेवानिवृत्ति के बाद फर्म केवल शेष साझेदार चलाते हैं। इसलिए भविष्य के लाभ और हानि नए अनुपात में बांटे जाते हैं। / After retirement only continuing partners run the firm. Therefore future profits and losses are shared in new ratio.
A. सेवानिवृत्त साझेदार की सद्भावना क्षतिपूर्ति/Goodwill compensation of retiring partner
Explanation
Simple Explanation
ग्रहण अनुपात बताता है कि किसने अतिरिक्त लाभ हिस्सा पाया। इसलिए सद्भावना की क्षतिपूर्ति इसी अनुपात से की जाती है। / Gaining ratio shows who received extra profit share. Therefore goodwill compensation is made in this ratio.
A. शेष साझेदारों का पुराना आपसी अनुपात नया अनुपात होगा/Old mutual ratio of continuing partners will be new ratio
Explanation
Simple Explanation
अतिरिक्त सूचना के बिना शेष साझेदार अपने पुराने आपसी अनुपात में बने रहते हैं। यह परीक्षा का सामान्य नियम है। / Without extra information continuing partners remain in their old mutual ratio. This is the common exam rule.
ग्रहण अनुपात वही अनुपात है जिसमें शेष साझेदार अतिरिक्त हिस्सा प्राप्त करते हैं। इसलिए यह 4:7 होगा। / Gaining ratio is the same ratio in which continuing partners acquire extra share. Hence it will be 4:7.
स्पष्ट नया अनुपात होने पर भविष्य के लाभ हानि उसी अनुपात से बांटे जाते हैं। ग्रहण अनुपात केवल अतिरिक्त हिस्से का अनुपात बताता है। / When new ratio is clearly given future profits and losses are shared in that ratio. Gaining ratio only shows extra share.
सेवानिवृत्ति या पुनर्गठन के बाद यदि किसी शेष साझेदार का नया लाभ-विभाजन अनुपात उसके पुराने अनुपात से कम हो जाए, तो पुराने और नए हिस्से के अंतर को क्या कहा जाता है?
जब किसी शेष साझेदार का नया हिस्सा पुराने हिस्से से कम हो जाता है, तो वह अपने लाभ के कुछ हिस्से का त्याग करता है। इसलिए त्याग = पुराना हिस्सा − नया हिस्सा। ग्रहण तब कहलाता है जब नया हिस्सा पुराने हिस्से से अधिक हो। परीक्षा में अनुपातों का अंतर निकालते समय बढ़ा हुआ हिस्सा ग्रहण और घटा हुआ हिस्सा त्याग माना जाता है। / When a continuing partner’s new share is lower than his old share, he gives up a part of his profit share. Therefore, sacrifice = old share − new share. Gain applies when the new share is greater than the old share. In examinations, an increase in share indicates gain, while a decrease indicates sacrifice.
अ, ब और स लाभों को 2:3:5 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 5:5 निर्धारित किया जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में अ का हिस्सा 2/10 और ब का हिस्सा 3/10 था। नए 5:5 अनुपात में दोनों का हिस्सा 5/10 है। इसलिए अ का लाभ 5/10 − 2/10 = 3/10 और ब का लाभ 5/10 − 3/10 = 2/10 होगा। अतः ग्रहण अनुपात 3:2 है। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात निकालने के लिए प्रत्येक जारी रहने वाले साझेदार के नए हिस्से में से उसका पुराना हिस्सा घटाएँ; केवल नया अनुपात देखकर उसे ग्रहण अनुपात न मानें। / Under the old ratio, A’s share was 2/10 and B’s share was 3/10. Under the new 5:5 ratio, each receives 5/10. Therefore, A’s gain is 5/10 − 2/10 = 3/10, while B’s gain is 5/10 − 3/10 = 2/10. Hence, the gaining ratio is 3:2. Exam tip: Calculate each partner’s gain as new share minus old share; the new ratio itself is not the gaining ratio.
A. भविष्य लाभ के लिए ग्रहण अनुपात का उपयोग करना/Using gaining ratio for future profits
Explanation
Simple Explanation
भविष्य के लाभ नए अनुपात में बांटते हैं। ग्रहण अनुपात केवल अतिरिक्त हिस्से और सद्भावना समायोजन के लिए होता है। / Future profits are shared in new ratio. Gaining ratio is used only for extra share and goodwill adjustment.
स का हिस्सा 4/15 है। 5:3 में बांटने पर अ और ब के नए हिस्से 7/10 और 3/10 बनते हैं इसलिए अनुपात 7:3 है। / C share is 4/15. Dividing it in 5:3 makes A and B new shares 7/10 and 3/10 so the ratio is 7:3.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 4:2:4 है। ब की मृत्यु हो जाती है और अ तथा स, ब का हिस्सा 1:4 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
ब का हिस्सा 2/10 है। इसे अ और स 1:4 में लेते हैं, इसलिए अ को 2/10 × 1/5 = 1/25 और स को 2/10 × 4/5 = 4/25 प्राप्त होता है। अ का नया हिस्सा 4/10 + 1/25 = 11/25 तथा स का नया हिस्सा 4/10 + 4/25 = 14/25 है। अतः नया अनुपात 11:14 होगा। परीक्षा-युक्ति: मृत साझेदार का हिस्सा लेने वाले साझेदारों का लाभ अनुपात पहले निश्चित करके उसी अनुपात में उसका हिस्सा बाँटें। / B’s share is 2/10. A and C acquire it in the ratio 1:4, so A gains 2/10 × 1/5 = 1/25 and C gains 2/10 × 4/5 = 4/25. A’s new share is 4/10 + 1/25 = 11/25, while C’s new share is 4/10 + 4/25 = 14/25. Therefore, the new ratio is 11:14. Exam tip: First divide the deceased partner’s share according to the gaining ratio, then add each gain to the partner’s old share.
अ, ब और स लाभ-विभाजन अनुपात 9:5:1 में हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 2:1 हो जाता है। अ का ग्रहण किया हुआ हिस्सा कितना है?
कुल पुराना अनुपात 9+5+1=15 है, इसलिए अ का पुराना हिस्सा 9/15 है। स के सेवानिवृत्त होने के बाद अ का नया हिस्सा 2/(2+1)=2/3=10/15 होगा। अतः अ का ग्रहण किया हुआ हिस्सा = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = 10/15−9/15=1/15। विकल्प C अ का पुराना हिस्सा है, ग्रहण किया हुआ हिस्सा नहीं। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अंश निकालने के लिए नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाएँ। / The total old ratio is 9+5+1=15, so A’s old share is 9/15. After C’s retirement, A’s new share is 2/(2+1)=2/3=10/15. Therefore, A’s gaining share = new share − old share = 10/15−9/15=1/15. Option C represents A’s old share, not the share gained. Exam tip: Always calculate the gain by subtracting the old share from the new share.
A. ब ने 1/15 हिस्सा त्याग किया / B sacrificed 1 / 15 share
Explanation
Simple Explanation
ब का पुराना हिस्सा 5/15 और नया हिस्सा 1/3 यानी 5/15 नहीं बल्कि बराबर है यह विकल्प गलत है। सही गणना में ब का नया हिस्सा 5/15 है इसलिए कोई प्रभाव नहीं होगा। / B old share is 5/15 and new share is 1/3 or 5/15. There is no change so no gain or sacrifice occurs.
A. केवल अ ने हिस्सा ग्रहण किया/Only A gained share
Explanation
Simple Explanation
अ का हिस्सा 9/15 से 10/15 हुआ और ब का हिस्सा 5/15 ही रहा। इसलिए केवल अ ने स का हिस्सा ग्रहण किया। / A share increased from 9/15 to 10/15 and B share remained 5/15. Therefore only A gained C share.
A, B और C लाभों को 9:5:1 के अनुपात में बाँटते हैं। C सेवानिवृत्त हो जाता है और A तथा B का नया लाभ-विभाजन अनुपात 2:1 निर्धारित किया जाता है। A और B का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में A का हिस्सा 9/15 और B का हिस्सा 5/15 था। नए अनुपात 2:1 में A का हिस्सा 10/15 तथा B का हिस्सा 5/15 होगा। इसलिए A का लाभ 10/15 − 9/15 = 1/15 और B का लाभ 5/15 − 5/15 = 0 है। अतः ग्रहण अनुपात 1/15:0 = 1:0 होगा। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात = नया अनुपात − पुराना अनुपात; सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा पुराने अनुपात से अलग से न घटाएँ। / Under the old ratio, A’s share was 9/15 and B’s share was 5/15. Under the new ratio of 2:1, A’s share becomes 10/15 and B’s share remains 5/15. Therefore, A’s gain is 10/15 − 9/15 = 1/15, while B’s gain is 5/15 − 5/15 = 0. Hence, the gaining ratio is 1/15:0 = 1:0. Exam tip: Gaining ratio is calculated as new share minus old share; do not subtract the retiring partner’s share separately from each continuing partner.
अ, ब, स और द लाभ को 3:3:2:2 के अनुपात में बाँटते हैं। द सेवानिवृत्त हो जाता है और उसका हिस्सा अ, ब तथा स क्रमशः 2:3:5 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
द का मूल हिस्सा 2/10 है। इसे 2:3:5 में बाँटने पर अ, ब और स को क्रमशः 4/100, 6/100 और 10/100 प्राप्त होंगे। अतः उनके नए हिस्से 30/100+4/100=34/100, 30/100+6/100=36/100 और 20/100+10/100=30/100 होंगे। इनका सरल अनुपात 34:36:30 = 17:18:15 है। ध्यान रखें कि सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा उसी अनुपात में बाँटा जाता है जिसमें शेष साझेदार उसे प्राप्त करते हैं। / D’s original share is 2/10. When this share is acquired by A, B and C in the ratio 2:3:5, their respective gains are 4/100, 6/100 and 10/100. Therefore, their new shares are 30/100+4/100=34/100, 30/100+6/100=36/100 and 20/100+10/100=30/100. Thus, the new ratio is 34:36:30, which simplifies to 17:18:15. Exam tip: distribute the retiring partner’s share according to the stated acquisition ratio, then add each gain to the partner’s old share.
अ, ब, स और द लाभ-हानि को 6:1:2:1 के अनुपात में बाँटते हैं। अ की मृत्यु हो जाती है और उसका हिस्सा ब, स तथा द 1:3:2 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। ब, स और द का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
अ का हिस्सा कुल 10 में से 6, अर्थात 6/10 है। इसे 1:3:2 में बाँटने पर ब, स और द को क्रमशः 1/10, 3/10 और 2/10 प्राप्त होंगे। इसलिए उनके नए हिस्से होंगे: ब = 1/10 + 1/10 = 2/10, स = 2/10 + 3/10 = 5/10 और द = 1/10 + 2/10 = 3/10। अतः नया अनुपात 2:5:3 है। 1:3:2 केवल अ का हिस्सा प्राप्त करने का अनुपात है, नया कुल अनुपात नहीं। परीक्षा-युक्ति: पहले पुराने हिस्से में मृत साझेदार का हिस्सा जोड़कर प्रत्येक जीवित साझेदार का नया हिस्सा निकालें। / A’s share is 6 out of 10, or 6/10. When this share is acquired in the ratio 1:3:2, B, C and D receive 1/10, 3/10 and 2/10 respectively. Their new shares are therefore B = 1/10 + 1/10 = 2/10, C = 2/10 + 3/10 = 5/10, and D = 1/10 + 2/10 = 3/10. Hence, the new ratio is 2:5:3. The ratio 1:3:2 represents only the manner in which A’s share is acquired; it is not the final ratio. Exam tip: add each partner’s gain from the deceased partner’s share to their original share.
अ का पुराना हिस्सा 2/(2+4+4) = 2/10 था। स के सेवानिवृत्त होने के बाद अ का नया हिस्सा 3/(3+7) = 3/10 है। इसलिए अ का gain = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = 3/10 − 2/10 = 1/10। विकल्प B अ का नया हिस्सा है, gain नहीं। परीक्षा-टिप: gain हमेशा नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाकर निकालें। / A’s old share was 2/(2+4+4) = 2/10. After C’s retirement, A’s new share is 3/(3+7) = 3/10. Therefore, A’s gain = new share − old share = 3/10 − 2/10 = 1/10. Option B represents A’s new share, not the gain. Exam tip: Always calculate gain by subtracting the old share from the new share.
ब का पुराना अंश 4/(2+4+4) = 4/10 था। स के सेवानिवृत्त होने के बाद ब का नया अंश 7/(3+7) = 7/10 है। इसलिए ब का लाभ-अंश = नया अंश − पुराना अंश = 7/10 − 4/10 = 3/10। 4/10 ब का पुराना अंश है, लाभ-अंश नहीं। परीक्षा-युक्ति: किसी साझेदार का Gain हमेशा नया अंश − पुराना अंश से निकालें। / B’s old share was 4/(2+4+4) = 4/10. After C’s retirement, B’s new share is 7/(3+7) = 7/10. Therefore, B’s gain = new share − old share = 7/10 − 4/10 = 3/10. The value 4/10 is B’s old share, not the gain. Exam tip: Always calculate a partner’s gain as new share minus old share.
अ, ब और स लाभों को 2:4:4 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 3:7 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में अ का हिस्सा \(2/10\) और ब का हिस्सा \(4/10\) था। नए अनुपात 3:7 में अ का हिस्सा \(3/10\) और ब का हिस्सा \(7/10\) होगा। इसलिए अ का लाभ \(1/10\) और ब का लाभ \(3/10\) है। अतः ग्रहण अनुपात \(1:3\) होगा। परीक्षा-टिप: ग्रहण अनुपात = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा; प्राप्त लाभों को सरल अनुपात में लिखें। / Under the old ratio, A’s share was \(2/10\) and B’s share was \(4/10\). Under the new ratio of 3:7, their shares are \(3/10\) and \(7/10\), respectively. Thus, A gains \(1/10\) and B gains \(3/10\), giving a gaining ratio of \(1:3\). Exam tip: Calculate gain as new share minus old share, then reduce the gains to their simplest ratio.
A. केवल अ के हिस्से में वृद्धि हुई/Only A's share increased
Explanation
Simple Explanation
पुराने अनुपात 3:6:1 में अ का हिस्सा 3/10 और ब का हिस्सा 6/10 था। नया अनुपात 4:6 होने पर अ का हिस्सा 4/10 तथा ब का हिस्सा 6/10 हो गया। इसलिए अ के हिस्से में 1/10 की वृद्धि हुई, जबकि ब का हिस्सा अपरिवर्तित रहा। अतः केवल अ ने सेवानिवृत्त स का हिस्सा ग्रहण किया। परीक्षा-टिप: पुराने और नए अनुपातों को समान कुल योग में बदलकर प्रत्येक साझेदार के हिस्से की तुलना करें। / Under the old ratio 3:6:1, A's share was 3/10 and B's share was 6/10. Under the new ratio 4:6, A's share becomes 4/10 while B's share remains 6/10. Thus, A gains 1/10 of the profit, whereas B's share is unchanged. Therefore, only A gains a share from retiring partner C. Exam tip: Convert the old and new ratios to fractions with the same denominator before comparing individual shares.
अ, ब और स लाभों को क्रमशः 3:6:1 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 4:6 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में अ का हिस्सा 3/10 और ब का हिस्सा 6/10 था। नए अनुपात 4:6 में अ का हिस्सा 4/10 और ब का हिस्सा 6/10 है। इसलिए अ का लाभ 1/10 तथा ब का लाभ शून्य है। अतः ग्रहण अनुपात 1:0 होगा। विकल्प 4:6 नया लाभ-विभाजन अनुपात है, ग्रहण अनुपात नहीं। परीक्षा-टिप: ग्रहण अनुपात = नया अनुपात − पुराना अनुपात। / Under the old ratio, A’s share was 3/10 and B’s share was 6/10. Under the new ratio of 4:6, A’s share is 4/10 and B’s share remains 6/10. Thus, A gains 1/10 while B gains nothing, giving a gaining ratio of 1:0. The ratio 4:6 is the new profit-sharing ratio, not the gaining ratio. Exam tip: Gaining ratio = New ratio − Old ratio.
स का हिस्सा 7/10 है। 4:3 में बांटने पर अ को 4/10 और ब को 3/10 मिलता है इसलिए नए हिस्से 6/10 और 4/10 हैं। / C share is 7/10. Dividing it in 4:3 gives A 4/10 and B 3/10 so new shares are 6/10 and 4/10.
अ, ब, स और द का लाभ-विभाजन अनुपात 2:5:1:2 है। ब सेवानिवृत्त हो जाता है और अ, स तथा द उसके लाभांश को 2:2:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ का नया लाभ-विभाजन अंश क्या होगा?
कुल अनुपात 10 है, इसलिए अ का पुराना अंश 2/10 और ब का अंश 5/10 है। ब के अंश का 2:2:1 में अ को मिलने वाला भाग \(\frac{2}{5}\times\frac{5}{10}=\frac{2}{10}\) है। अतः अ का नया अंश \(\frac{2}{10}+\frac{2}{10}=\frac{4}{10}=\frac{2}{5}\) होगा। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्ति के बाद नए अंश के लिए पुराने अंश में प्राप्त अतिरिक्त अंश जोड़ा जाता है। / The total ratio is 10, so A’s old share is 2/10 and B’s share is 5/10. A acquires \(\frac{2}{5}\) of B’s share, i.e. \(\frac{2}{5}\times\frac{5}{10}=\frac{2}{10}\). Therefore, A’s new share is \(\frac{2}{10}+\frac{2}{10}=\frac{4}{10}=\frac{2}{5}\). Exam tip: after a partner’s retirement, add the share acquired from the retiring partner to the continuing partner’s old share.
अ, ब, स और द का लाभ-विभाजन अनुपात 2:5:1:2 है। ब सेवानिवृत्त हो जाता है और अ, स तथा द उसके हिस्से को 2:2:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
प्रारम्भिक कुल अनुपात 10 है, इसलिए ब का हिस्सा 5/10 है। ब के हिस्से को 2:2:1 में बाँटने पर अ, स और द को क्रमशः 2/10, 2/10 और 1/10 प्राप्त होते हैं। अतः अ का नया हिस्सा 2/10 + 2/10 = 4/10, स का 1/10 + 2/10 = 3/10 और द का 2/10 + 1/10 = 3/10 होगा। इसलिए नया अनुपात 4:3:3 है। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा पहले उसके प्राप्ति-अनुपात में बाँटकर प्रत्येक साझेदार के पुराने हिस्से में जोड़ें। / The total of the original ratio is 10, so B’s share is 5/10. This share is distributed among A, C and D in the ratio 2:2:1, giving them additional shares of 2/10, 2/10 and 1/10, respectively. Therefore, A’s new share is 2/10 + 2/10 = 4/10, C’s is 1/10 + 2/10 = 3/10, and D’s is 2/10 + 1/10 = 3/10. Hence, the new ratio is 4:3:3. Exam tip: Divide the retiring partner’s share according to the gaining ratio and add each gain to the partner’s original share.
अ का हिस्सा 5/10 से 6/10 हुआ इसलिए gain 1/10 है। ब 4/10 ही रहा इसलिए उसका gain शून्य है। / A share increased from 5/10 to 6/10 so gain is 1/10. B remained at 4/10 so his gain is zero.
A, B और C लाभ को 1:4:5 के अनुपात में बाँटते हैं। C सेवानिवृत्त हो जाता है और A तथा B का नया लाभ-विभाजन अनुपात 2:3 हो जाता है। A का लाभ-अनुपात कितना है?
A का पुराना लाभ-अंश 1/(1+4+5) = 1/10 था। सेवानिवृत्ति के बाद A का नया अंश 2/(2+3) = 2/5 = 4/10 है। इसलिए A का लाभ = नया अंश − पुराना अंश = 4/10 − 1/10 = 3/10। 2/5 A का नया अंश है, लाभ नहीं। परीक्षा-युक्ति: किसी साझेदार का gain हमेशा नए अंश में से पुराने अंश को घटाकर निकालें। / A’s old profit share was 1/(1+4+5) = 1/10. After C’s retirement, A’s new share is 2/(2+3) = 2/5 = 4/10. Therefore, A’s gain = new share − old share = 4/10 − 1/10 = 3/10. The option 2/5 represents A’s new share, not the gain. Exam tip: Always calculate a partner’s gain as new share minus old share.
अ, ब और स लाभ-विभाजन अनुपात 1:4:5 में साझेदार हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 2:3 हो जाता है। ब का लाभ (gain) कितना है?
ब का पुराना हिस्सा 4/10 था। नया अनुपात 2:3 होने पर ब का नया हिस्सा 3/5 = 6/10 है। इसलिए ब का लाभ = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = 6/10 − 4/10 = 2/10 = 1/5। विकल्प C केवल ब के पुराने हिस्से को दर्शाता है, लाभ को नहीं। परीक्षा-युक्ति: किसी साझेदार का gain हमेशा नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाकर निकालें। / B’s old share was 4/10. Under the new ratio of 2:3, B’s new share is 3/5 = 6/10. Therefore, B’s gain = new share − old share = 6/10 − 4/10 = 2/10 = 1/5. Option C represents B’s old share, not the gain. Exam tip: Always calculate a partner’s gain by subtracting the old share from the new share.
अ, ब और स लाभ-हानि को 1:4:5 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया अनुपात 2:3 निर्धारित किया जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में अ का भाग 1/10 और ब का भाग 4/10 था। नए अनुपात 2:3 में अ का भाग 4/10 और ब का भाग 6/10 होगा। इसलिए अ का लाभ = 4/10 − 1/10 = 3/10 तथा ब का लाभ = 6/10 − 4/10 = 2/10। अतः ग्रहण अनुपात 3:2 होगा। ध्यान रखें कि नया अनुपात 2:3 है, जबकि ग्रहण अनुपात पुराने और नए हिस्सों के अंतर से निकाला जाता है। / Under the old ratio, A’s share was 1/10 and B’s share was 4/10. Under the new ratio of 2:3, A’s share becomes 4/10 and B’s share becomes 6/10. Therefore, A’s gain is 4/10 − 1/10 = 3/10, while B’s gain is 6/10 − 4/10 = 2/10. Hence, the gaining ratio is 3:2. Remember that 2:3 is the new ratio, not the gaining ratio; the gaining ratio is calculated from the increase in each continuing partner’s share.
अ, ब, स और द लाभ-हानि को 3:2:3:2 के अनुपात में बाँटते हैं। अ की मृत्यु हो जाती है और ब, स तथा द उसके लाभांश को 2:1:3 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। ब, स और द का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
अ का मूल हिस्सा 3/10 है। इसे ब, स और द 2:1:3 में प्राप्त करते हैं, इसलिए उनके लाभांश में क्रमशः 1/10, 1/20 और 3/20 की वृद्धि होगी। अतः नए हिस्से होंगे: ब = 2/10 + 1/10 = 3/10, स = 3/10 + 1/20 = 7/20 और द = 2/10 + 3/20 = 7/20। इसलिए नया अनुपात 3/10:7/20:7/20 = 6:7:7 है। परीक्षा-युक्ति: मृत साझेदार का हिस्सा पहले प्राप्ति-अनुपात में बाँटकर प्रत्येक साझेदार के मूल हिस्से में जोड़ें। / A’s original share is 3/10. B, C and D acquire it in the ratio 2:1:3, so their gains are 1/10, 1/20 and 3/20 respectively. Therefore, their new shares are B = 2/10 + 1/10 = 3/10, C = 3/10 + 1/20 = 7/20, and D = 2/10 + 3/20 = 7/20. Thus, the new ratio is 3/10:7/20:7/20 = 6:7:7. Exam tip: Divide the deceased partner’s share in the gaining ratio and add each gain to the partner’s original share.
A. कौन सा साझेदार सेवानिवृत्त या मृत है और उसका हिस्सा किसने लिया/Which partner retired or died and who acquired his share
Explanation
Simple Explanation
नए अनुपात में मुख्य काम सेवानिवृत्त साझेदार के हिस्से का वितरण समझना है। पहले retiring share और acquisition ratio पहचानें। / The main task in new ratio is to understand distribution of retiring partner share. First identify retiring share and acquisition ratio.
कोई सूचना न हो तो शेष साझेदारों का पुराना आपसी अनुपात नया अनुपात होता है। इसलिए अ और ब का अनुपात 7:4 रहेगा। / If no information is given the old mutual ratio of continuing partners becomes the new ratio. So A and B ratio remains 7:4.
ब को हटाने के बाद शेष अ स और द के पुराने हिस्से 3:2:4 हैं। कोई सूचना न हो तो यही नया अनुपात होगा। / After removing B the old shares of A C and D are 3:2:4. If no information is given this will be the new ratio.
स का हिस्सा 1/10 है और बराबर लेने पर अ तथा ब को 1/20 प्रत्येक मिलता है। नए हिस्से 13/20 और 7/20 हैं। / C share is 1/10 and equal acquisition gives 1/20 each to A and B. New shares are 13/20 and 7/20.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 4:5:3 है। स के सेवानिवृत्त होने पर उसका हिस्सा अ और ब क्रमशः 1:2 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
कुल अनुपात 4+5+3=12 है, इसलिए स का हिस्सा 3/12 है। अ को स के हिस्से का 1/3 अर्थात 1/12 और ब को 2/3 अर्थात 2/12 प्राप्त होंगे। अतः अ का नया हिस्सा 4/12+1/12=5/12 और ब का नया हिस्सा 5/12+2/12=7/12 होगा। इसलिए नया अनुपात 5:7 है। विकल्प 4:5 पुराने अनुपात को दर्शाता है, जबकि 6:8, 5:7 के समतुल्य नहीं है। परीक्षा टिप: सेवानिवृत्त साझेदार के हिस्से को उसके प्राप्ति-अनुपात में बाँटकर प्रत्येक साझेदार के पुराने हिस्से में जोड़ें। / The total ratio is 4+5+3=12, so C’s share is 3/12. A acquires one-third of C’s share, namely 1/12, while B acquires two-thirds, namely 2/12. Therefore, A’s new share is 4/12+1/12=5/12 and B’s new share is 5/12+2/12=7/12. Hence, the new ratio is 5:7. Option 4:5 is the old ratio, and 6:8 is not equivalent to 5:7. Exam tip: Divide the retiring partner’s share according to the acquisition ratio and add the respective portions to the old shares.
अ, ब और स लाभों को 2:7:1 के अनुपात में बाँटते हैं। ब सेवानिवृत्त हो जाता है तथा अ और स उसके हिस्से को 3:4 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
कुल लाभ का ब का हिस्सा \(7/10\) है। अ और स इसे 3:4 में प्राप्त करते हैं, इसलिए अ को \(3/7 \times 7/10=3/10\) और स को \(4/7 \times 7/10=4/10\) मिलेगा। अतः अ का नया हिस्सा \(2/10+3/10=5/10\) और स का नया हिस्सा \(1/10+4/10=5/10\) है। इसलिए नया अनुपात 1:1 होगा। 3:4 केवल ब के हिस्से को प्राप्त करने का अनुपात है, नया लाभ-विभाजन अनुपात नहीं। परीक्षा-युक्ति: पहले सेवानिवृत्त साझेदार का अंश निकालकर उसे प्राप्त करने वाले साझेदारों में बाँटें। / B’s share of the total profit is \(7/10\). Since A and C acquire it in the ratio 3:4, A receives \(3/7 \times 7/10=3/10\) and C receives \(4/7 \times 7/10=4/10\). Thus, A’s new share is \(2/10+3/10=5/10\), while C’s new share is \(1/10+4/10=5/10\). Therefore, the new ratio is 1:1. The ratio 3:4 is only the ratio in which B’s share is acquired, not the final profit-sharing ratio. Exam tip: first calculate the retiring partner’s share, then distribute it among the gaining partners.
अ, ब और स लाभ-हानि को 5:2:3 के अनुपात में बाँटते हैं। अ की मृत्यु हो जाती है और ब तथा स, अ का हिस्सा 2:3 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। ब और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
अ का मूल हिस्सा \(5/10\) है। ब और स इसे 2:3 में प्राप्त करते हैं, इसलिए ब को \(2/5 \times 5/10 = 2/10\) और स को \(3/5 \times 5/10 = 3/10\) मिलेगा। अतः ब का नया हिस्सा \(2/10+2/10=4/10\) और स का नया हिस्सा \(3/10+3/10=6/10\) होगा। इसलिए नया अनुपात 4:6 अर्थात 2:3 है। परीक्षा-टिप: मृत साझेदार का हिस्सा प्राप्त करने का अनुपात, उसके मूल हिस्से पर लागू करके प्रत्येक साझेदार का नया हिस्सा निकालें। / A’s original share is \(5/10\). B and C acquire it in the ratio 2:3, so B receives \(2/5 \times 5/10 = 2/10\) and C receives \(3/5 \times 5/10 = 3/10\). Therefore, B’s new share is \(2/10+2/10=4/10\), while C’s new share is \(3/10+3/10=6/10\). The new ratio is 4:6, which simplifies to 2:3. Exam tip: Apply the acquisition ratio to the deceased partner’s original share, then add the gain to each continuing partner’s old share.
अ का पुराना लाभांश = 3/(3+1+6) = 3/10। सेवानिवृत्ति के बाद अ और ब का नया अनुपात 2:1 है, इसलिए अ का नया लाभांश = 2/(2+1) = 2/3। अतः अ का लाभांश में लाभ = नया लाभांश − पुराना लाभांश = 2/3 − 3/10 = 20/30 − 9/30 = 11/30। परीक्षा-युक्ति: लाभांश में लाभ निकालने के लिए हमेशा नया हिस्सा − पुराना हिस्सा करें। / A’s old share = 3/(3+1+6) = 3/10. After C’s retirement, A and B share profits in the new ratio 2:1, so A’s new share = 2/(2+1) = 2/3. Therefore, A’s gain = new share − old share = 2/3 − 3/10 = 20/30 − 9/30 = 11/30. Exam tip: For a gaining partner, subtract the old share from the new share.
अ, ब और स लाभों को 3:1:6 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया अनुपात 2:1 निर्धारित किया जाता है। ब का लाभांश कितना होगा?
ब का पुराना लाभांश \(1/(3+1+6)=1/10\) था। स के सेवानिवृत्त होने के बाद अ और ब का नया अनुपात 2:1 है, इसलिए ब का नया लाभांश \(1/(2+1)=1/3\) होगा। अतः ब का लाभांश में लाभ \(1/3-1/10=(10-3)/30=7/30\) है। विकल्प 1/3 नया लाभांश है, लाभ का अंश नहीं। परीक्षा-युक्ति: लाभांश में लाभ = नया लाभांश − पुराना लाभांश। / B’s old share was \(1/(3+1+6)=1/10\). After C’s retirement, A and B share profits in the new ratio 2:1, so B’s new share is \(1/(2+1)=1/3\). Therefore, B’s gain is \(1/3-1/10=(10-3)/30=7/30\). Option 1/3 represents B’s new share, not the gain. Exam tip: Gain in share = New share − Old share.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 3:1:6 है। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 2:1 निर्धारित किया जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में अ का हिस्सा 3/10 और ब का हिस्सा 1/10 था। नए अनुपात 2:1 में अ का हिस्सा 2/3 और ब का हिस्सा 1/3 होगा। अतः अ का लाभ = 2/3 − 3/10 = 11/30 तथा ब का लाभ = 1/3 − 1/10 = 7/30। इसलिए ग्रहण अनुपात = 11/30:7/30 = 11:7। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात निकालने के लिए प्रत्येक साझेदार के नए हिस्से में से उसका पुराना हिस्सा घटाएँ। / Under the old ratio, A’s share was 3/10 and B’s share was 1/10. Under the new ratio of 2:1, A’s share becomes 2/3 and B’s share becomes 1/3. Therefore, A’s gain = 2/3 − 3/10 = 11/30, while B’s gain = 1/3 − 1/10 = 7/30. Hence, the gaining ratio is 11/30:7/30 = 11:7. Exam tip: Calculate each partner’s gain by subtracting the old share from the new share.
अ, ब और स लाभ-विभाजन अनुपात 4:4:2 में साझेदार हैं। स के सेवानिवृत्त होने पर अ और ब का नया अनुपात 7:5 हो जाता है। सेवानिवृत्त साझेदार स के हिस्से में से कौन-सा साझेदार अधिक हिस्सा प्राप्त करता है?
पुराना अनुपात 4:4:2 होने से अ और ब, दोनों का पुराना हिस्सा \(4/10=2/5\) था। नए अनुपात में अ का हिस्सा \(7/12\) और ब का हिस्सा \(5/12\) है। इसलिए अ का लाभ \(7/12-2/5=35/60-24/60=11/60\), जबकि ब का लाभ \(5/12-2/5=25/60-24/60=1/60\) है। अतः अ अधिक हिस्सा ग्रहण करता है। परीक्षा-टिप: प्रत्येक साझेदार का लाभ = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा। / Since the old ratio is 4:4:2, both A and B originally held \(4/10=2/5\). Under the new ratio, A’s share is \(7/12\) and B’s share is \(5/12\). Thus, A’s gain is \(7/12-2/5=35/60-24/60=11/60\), whereas B’s gain is \(5/12-2/5=25/60-24/60=1/60\). Therefore, A gains the greater share. Exam tip: Gain = new share − old share.
A, B और C का लाभ-विभाजन अनुपात 3:2:5 है। C सेवानिवृत्त हो जाता है और उसका हिस्सा A तथा B, 4:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। A और B का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
कुल लाभ को 10 भाग मानें। A, B और C के पुराने हिस्से क्रमशः 3/10, 2/10 और 5/10 हैं। C का 5/10 हिस्सा A और B 4:1 में लेते हैं, इसलिए A को 4/10 और B को 1/10 मिलेगा। अतः A का नया हिस्सा 3/10 + 4/10 = 7/10 तथा B का नया हिस्सा 2/10 + 1/10 = 3/10 है; इसलिए नया अनुपात 7:3 होगा। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा प्राप्त करने वाले साझेदारों के त्याग-अनुपात में बाँटकर उनके पुराने हिस्सों में जोड़ें। / Take the total profit as 10 parts. The old shares of A, B and C are 3/10, 2/10 and 5/10, respectively. A and B acquire C’s 5/10 share in the ratio 4:1, so A receives 4/10 and B receives 1/10. Therefore, A’s new share is 3/10 + 4/10 = 7/10, while B’s new share is 2/10 + 1/10 = 3/10. Hence, the new ratio is 7:3. Exam tip: Divide the retiring partner’s share according to the acquisition ratio and add those portions to the partners’ old shares.
अ का हिस्सा 1/10 है और बराबर लेने पर ब तथा स को 1/20 प्रत्येक मिलता है। नए हिस्से 13/20 और 7/20 हैं। / A share is 1/10 and equal acquisition gives B and C 1/20 each. New shares are 13/20 and 7/20.
अ, ब और स लाभ-विभाजन अनुपात 4:2:4 में साझेदार हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 हो जाता है। अ का लाभ-ग्रहण अनुपात कितना होगा?
अ का पुराना हिस्सा 4/10 था। नए अनुपात 3:2 में अ का नया हिस्सा 3/5 = 6/10 है। इसलिए अ का लाभ-ग्रहण अनुपात = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = 6/10 − 4/10 = 2/10 = 1/5। विकल्प C केवल अ का पुराना हिस्सा दर्शाता है, लाभ-ग्रहण नहीं। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्ति में प्रत्येक शेष साझेदार का लाभ-ग्रहण = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा होता है। / A’s old share was 4/10. Under the new ratio of 3:2, A’s new share is 3/5, or 6/10. Therefore, A’s gaining ratio = new share − old share = 6/10 − 4/10 = 2/10 = 1/5. Option C represents A’s old share, not the gain. Exam tip: On a partner’s retirement, calculate the gaining ratio as the new share minus the old share.
अ, ब और स लाभों को 4:2:4 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 हो जाता है। ब का लाभांश में प्राप्ति (gaining) हिस्सा कितना है?
ब का पुराना हिस्सा \(2/10=1/5\) था। सेवानिवृत्ति के बाद नया अनुपात 3:2 है, इसलिए ब का नया हिस्सा \(2/5=4/10\) होगा। अतः ब का लाभांश में प्राप्ति हिस्सा = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = \(4/10-2/10=2/10=1/5\)। विकल्प 2/5 ब का नया हिस्सा है, प्राप्ति हिस्सा नहीं। परीक्षा-युक्ति: gaining share निकालने के लिए हमेशा नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाएँ। / B’s old share was \(2/10=1/5\). After C’s retirement, B’s new share under the ratio 3:2 is \(2/5=4/10\). Therefore, B’s gaining share = new share − old share = \(4/10-2/10=2/10=1/5\). Option 2/5 is B’s new share, not the gain. Exam tip: Always subtract the old share from the new share to calculate a partner’s gaining share.
अ, ब और स लाभों को 4:2:4 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में अ का हिस्सा 4/10 = 2/5 और ब का हिस्सा 2/10 = 1/5 था। नए अनुपात में अ का हिस्सा 3/5 तथा ब का हिस्सा 2/5 है। इसलिए अ का लाभ = 3/5 − 2/5 = 1/5 और ब का लाभ = 2/5 − 1/5 = 1/5। अतः ग्रहण अनुपात 1/5 : 1/5 = 1:1 होगा। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात ज्ञात करने के लिए नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाएँ। / Under the old ratio, A’s share was 4/10 = 2/5 and B’s share was 2/10 = 1/5. Under the new ratio, A receives 3/5 and B receives 2/5. Thus, A’s gain is 3/5 − 2/5 = 1/5, while B’s gain is 2/5 − 1/5 = 1/5. Therefore, the gaining ratio is 1/5 : 1/5 = 1:1. Exam tip: Calculate each continuing partner’s gain by subtracting the old share from the new share.
द का हिस्सा 2/10 है। 2:1:1 में अ को 1/10 ब को 1/20 और स को 1/20 मिलता है इसलिए नए हिस्से 6/10 3/20 और 5/20 हैं जो 12:3:5 नहीं होंगे ध्यान दें। / D share is 2/10. In 2:1:1 A gets 1/10 B gets 1/20 and C gets 1/20 so new shares are 6/10 3/20 and 5/20 which simplify to 12:3:5.
अ, ब, स और द लाभ-हानि को 5:1:2:2 के अनुपात में बाँटते हैं। द सेवानिवृत्त हो जाता है और शेष साझेदार उसके हिस्से को 2:1:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ, ब और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
कुल अनुपात 10 है, इसलिए द का हिस्सा 2/10 है। द के हिस्से का अ को लाभ 2/10 × 2/4 = 1/10, ब को 2/10 × 1/4 = 1/20 और स को 1/20 मिलेगा। अतः नए हिस्से अ = 5/10 + 1/10 = 6/10, ब = 1/10 + 1/20 = 3/20 और स = 2/10 + 1/20 = 5/20 हैं। इसलिए नया अनुपात 12:3:5 होगा। ध्यान रखें कि सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा gain ratio में बाँटा जाता है, पुराने अनुपात में नहीं। / The total ratio is 10, so D’s share is 2/10. A, B and C acquire this share in the ratio 2:1:1; therefore, their gains are 1/10, 1/20 and 1/20 respectively. Their new shares are A = 5/10 + 1/10 = 6/10, B = 1/10 + 1/20 = 3/20 and C = 2/10 + 1/20 = 5/20. Converting them to a common denominator gives 12:3:5. Exam tip: on retirement, distribute the retiring partner’s share according to the gaining ratio, not the old profit-sharing ratio.
अ, ब और स किसी फर्म में लाभ-हानि को 2:5:3 के अनुपात में बाँटते हैं। ब की मृत्यु के बाद अ और स, ब का हिस्सा 3:2 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
ब का पुराना हिस्सा 5/10 था। ब के हिस्से का 3:2 में विभाजन होने पर अ को 3/5 × 5/10 = 3/10 और स को 2/5 × 5/10 = 2/10 प्राप्त होगा। अतः अ का नया हिस्सा 2/10 + 3/10 = 5/10 तथा स का नया हिस्सा 3/10 + 2/10 = 5/10 है। इसलिए नया अनुपात 5:5 अर्थात 1:1 होगा। 3:2 केवल ब के हिस्से के अधिग्रहण का अनुपात है, नया कुल अनुपात नहीं। परीक्षा-युक्ति: नए हिस्से = पुराने हिस्से + प्राप्त हिस्सा। / B’s old share was 5/10. Since B’s share is acquired in the ratio 3:2, A receives 3/5 × 5/10 = 3/10 and C receives 2/5 × 5/10 = 2/10. Therefore, A’s new share is 2/10 + 3/10 = 5/10, while C’s new share is 3/10 + 2/10 = 5/10. Hence, the new ratio is 5:5, or 1:1. The ratio 3:2 represents only the acquisition of B’s share, not the final ratio. Exam tip: New share = old share + acquired share.
अ का पुराना अंश \(\frac{1}{1+3+6}=\frac{1}{10}\) था। नया अनुपात 2:3 होने से अ का नया अंश \(\frac{2}{5}=\frac{4}{10}\) है। इसलिए अ का लाभ-अंश \(\frac{4}{10}-\frac{1}{10}=\frac{3}{10}\) होगा। \(\frac{2}{5}\) अ का नया अंश है, gain नहीं। परीक्षा-युक्ति: gain = नया अंश − पुराना अंश। / A’s old share was \(\frac{1}{1+3+6}=\frac{1}{10}\). Under the new ratio 2:3, A’s new share is \(\frac{2}{5}=\frac{4}{10}\). Therefore, A’s gain is \(\frac{4}{10}-\frac{1}{10}=\frac{3}{10}\). The fraction \(\frac{2}{5}\) is A’s new share, not the gain. Exam tip: gain = new share − old share.
अ, ब और स लाभों को 1:3:6 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 2:3 निर्धारित किया जाता है। ब का लाभांश (gain) कितना होगा?
ब का पुराना लाभांश = 3/(1+3+6) = 3/10 और नया लाभांश = 3/(2+3) = 3/5 = 6/10 है। अतः ब का लाभ = नया लाभांश − पुराना लाभांश = 6/10 − 3/10 = 3/10। विकल्प B केवल ब का नया लाभांश दर्शाता है, उसका gain नहीं। परीक्षा-युक्ति: gain निकालने के लिए हमेशा नए अनुपात का हिस्सा पुराने अनुपात के हिस्से से घटाएँ। / B's old share was 3/(1+3+6) = 3/10, while his new share is 3/(2+3) = 3/5 = 6/10. Therefore, B's gain = new share − old share = 6/10 − 3/10 = 3/10. Option B represents B's new share, not his gain. Exam tip: calculate gain by subtracting the old share from the new share.
अ, ब और स लाभों को 1:3:6 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 2:3 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में अ का हिस्सा 1/10 और ब का हिस्सा 3/10 था। नए अनुपात 2:3 में अ का हिस्सा 2/5 यानी 4/10 और ब का हिस्सा 3/5 यानी 6/10 है। इसलिए अ का लाभ = 4/10 − 1/10 = 3/10 तथा ब का लाभ = 6/10 − 3/10 = 3/10। अतः ग्रहण अनुपात = 3/10 : 3/10 = 1:1। ध्यान रखें कि ग्रहण अनुपात नए हिस्से और पुराने हिस्से के अंतर से निकाला जाता है। / Under the old ratio, A’s share was 1/10 and B’s share was 3/10. Under the new ratio 2:3, A’s share becomes 2/5, or 4/10, and B’s share becomes 3/5, or 6/10. Thus, A’s gain is 4/10 − 1/10 = 3/10, while B’s gain is 6/10 − 3/10 = 3/10. Therefore, the gaining ratio is 3/10 : 3/10 = 1:1. Exam tip: calculate each continuing partner’s new share minus old share; do not use the new ratio directly as the gaining ratio.
अ, ब, स और द लाभों को 2:2:1:5 के अनुपात में बाँटते हैं। द की मृत्यु हो जाती है और अ, ब तथा स उसके हिस्से को 1:2:2 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
प्रारम्भिक कुल अनुपात 10 है, इसलिए द का हिस्सा 5/10 है। द के हिस्से को 1:2:2 में बाँटने पर अ को 1/10, ब को 2/10 और स को 2/10 प्राप्त होंगे। अतः नए हिस्से अ = 2/10 + 1/10 = 3/10, ब = 2/10 + 2/10 = 4/10 और स = 1/10 + 2/10 = 3/10 होंगे। इसलिए नया अनुपात 3:4:3 है। परीक्षा-युक्ति: मृत साझेदार का हिस्सा प्राप्ति के अनुपात में बाँटकर प्रत्येक जीवित साझेदार के पुराने हिस्से में जोड़ें। / The original total ratio is 10, so D’s share is 5/10. When this share is acquired in the ratio 1:2:2, A receives 1/10, B receives 2/10, and C receives 2/10. Therefore, the new shares are A = 2/10 + 1/10 = 3/10, B = 2/10 + 2/10 = 4/10, and C = 1/10 + 2/10 = 3/10. Hence, the new ratio is 3:4:3. Exam tip: Divide the deceased partner’s share according to the gaining ratio and add each gain to the partner’s original share.
अ, ब और स लाभ-विभाजन अनुपात 3:5:2 में हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 1:2 निर्धारित किया जाता है। अ के हिस्से पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A. अ ने 1/30 हिस्सा प्राप्त किया / A gained a 1 / 30 share
Explanation
Simple Explanation
अ का पुराना हिस्सा 3/(3+5+2) = 3/10 था। स के सेवानिवृत्त होने के बाद अ का नया हिस्सा 1/(1+2) = 1/3 होगा। अतः अ का लाभ 1/3 − 3/10 = 1/30 है, इसलिए उसने 1/30 हिस्सा प्राप्त किया। विकल्प B में लाभ और त्याग का चिन्ह उलट दिया गया है। परीक्षा-युक्ति: किसी साझेदार का प्रभाव ज्ञात करने के लिए नया हिस्सा − पुराना हिस्सा करें; धनात्मक परिणाम लाभ दर्शाता है। / A’s old share was 3/(3+5+2) = 3/10. After C’s retirement, A’s new share is 1/(1+2) = 1/3. Therefore, A’s gain is 1/3 − 3/10 = 1/30, so A gained 1/30 of the profit. Option B reverses the direction of the change and incorrectly calls the gain a sacrifice. Exam tip: calculate new share − old share; a positive result indicates a gain.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 3:5:2 है। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया अनुपात 1:2 निर्धारित किया जाता है। ब का लाभ-अनुपात (gain) कितना होगा?
ब का पुराना लाभांश \(\frac{5}{10}=\frac{1}{2}\) था। नए अनुपात 1:2 में ब का नया लाभांश \(\frac{2}{3}\) है। इसलिए ब का लाभ (gain) = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = \(\frac{2}{3}-\frac{1}{2}=\frac{4-3}{6}=\frac{1}{6}\)। विकल्प C केवल ब का पुराना हिस्सा दर्शाता है, लाभ नहीं। परीक्षा-युक्ति: gain निकालने के लिए नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाएँ। / B’s old profit share was \(\frac{5}{10}=\frac{1}{2}\). Under the new ratio 1:2, B’s new share is \(\frac{2}{3}\). Therefore, B’s gain = new share − old share = \(\frac{2}{3}-\frac{1}{2}=\frac{4-3}{6}=\frac{1}{6}\). Option C represents B’s old share, not the gain. Exam tip: calculate a partner’s gain by subtracting the old share from the new share.
अ, ब और स लाभ को 3:5:2 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 1:2 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
सेवानिवृत्ति से पहले अ का हिस्सा 3/10 और ब का हिस्सा 5/10 था। नए अनुपात 1:2 में अ का नया हिस्सा 1/3 और ब का नया हिस्सा 2/3 होगा। इसलिए अ का ग्रहण = 1/3 − 3/10 = 1/30 तथा ब का ग्रहण = 2/3 − 5/10 = 1/6 = 5/30। अतः ग्रहण अनुपात = 1/30 : 5/30 = 1:5। विकल्प 1:2 नया लाभ-विभाजन अनुपात है, ग्रहण अनुपात नहीं। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात निकालने के लिए प्रत्येक जीवित साझेदार के नए हिस्से में से उसका पुराना हिस्सा घटाएँ। / Before C’s retirement, A’s share was 3/10 and B’s share was 5/10. Under the new ratio 1:2, A’s share becomes 1/3 and B’s share becomes 2/3. Therefore, A’s gain is 1/3 − 3/10 = 1/30, while B’s gain is 2/3 − 5/10 = 1/6 = 5/30. Hence, the gaining ratio is 1/30 : 5/30 = 1:5. Option 1:2 is the new profit-sharing ratio, not the gaining ratio. Exam tip: Calculate each partner’s gain as new share minus old share, then simplify the ratio of gains.
द का हिस्सा 4/10 है। अ को 3/10 ब को 1/10 और स को कुछ नहीं मिलता इसलिए नए हिस्से 7/10 2/10 और 1/10 हैं। / D share is 4/10. A gets 3/10 B gets 1/10 and C gets nothing so new shares are 7/10 2/10 and 1/10.
अ, ब और स लाभों को 5:4:1 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और सेवानिवृत्ति के बाद अ तथा ब का नया अनुपात 8:2 हो जाता है। ब के हिस्से पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A. ब ने 2/10 हिस्सा त्याग किया / B sacrificed 2 / 10 share
Explanation
Simple Explanation
ब का पुराना हिस्सा 4/10 था, क्योंकि उसका पुराना अनुपात 5:4:1 था। नए अनुपात 8:2 में ब का हिस्सा 2/10 है। इसलिए ब का त्याग अंश = पुराना हिस्सा − नया हिस्सा = 4/10 − 2/10 = 2/10। अतः ब ने 2/10 हिस्सा त्याग किया। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्ति के प्रश्नों में पुराने और नए हिस्से की तुलना करें—पुराना हिस्सा अधिक हो तो त्याग और नया हिस्सा अधिक हो तो लाभ होता है। / B’s old share was 4/10 under the ratio 5:4:1. In the new ratio 8:2, B’s share is 2/10. Therefore, B’s sacrifice = old share − new share = 4/10 − 2/10 = 2/10. Hence, B sacrificed 2/10 share. Exam tip: Compare a partner’s old and new shares—if the old share is larger, there is a sacrifice; if the new share is larger, there is a gain.
अ, ब और स लाभ-विभाजन अनुपात 5:4:1 में साझेदार हैं। स के सेवानिवृत्त होने पर अ और ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 8:2 निर्धारित किया गया। अ का लाभांश (Gain) कितना होगा?
अ का पुराना हिस्सा कुल 10 में से 5, अर्थात् 5/10 था। सेवानिवृत्ति के बाद नया अनुपात 8:2 है, इसलिए अ का नया हिस्सा 8/10 है। अतः अ का लाभ (Gain) = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = 8/10 − 5/10 = 3/10। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्त साझेदार के मामले में किसी साझेदार का Gain हमेशा नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाकर निकालें। / A’s old share was 5 out of 10, or 5/10. After C’s retirement, the new ratio of A and B is 8:2, so A’s new share is 8/10. Therefore, A’s gain = New share − Old share = 8/10 − 5/10 = 3/10. Exam tip: In a partner’s retirement, calculate gain by subtracting the old share from the new share.
A. केवल बढ़े हुए हिस्से को gain मानेंगे/Treat only increased share as gain
Explanation
Simple Explanation
ग्रहण अनुपात धनात्मक बढ़ोतरी से बनता है। घटा हुआ हिस्सा त्याग है इसलिए उसे gain में नहीं जोड़ते। / Gaining ratio is made from positive increase. A decreased share is sacrifice so it is not added to gain.
ब का gain 6/10 - 3/10 = 3/10 है और स का gain 4/10 - 3/10 = 1/10 है। इसलिए ग्रहण अनुपात 3:1 है। / B gain is 6/10 - 3/10 = 3/10 and C gain is 4/10 - 3/10 = 1/10. Therefore gaining ratio is 3:1.
अ, ब, स और द लाभों को 2:4:3:1 के अनुपात में बाँटते हैं। ब सेवानिवृत्त हो जाता है और अ, स तथा द उसके हिस्से को 1:2:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। स का नया लाभ-अनुपात क्या होगा?
ब का पुराना हिस्सा 4/10 था। अ, स और द इसे 1:2:1 में प्राप्त करते हैं, इसलिए स को ब के हिस्से का 2/4 भाग मिलेगा: 2/4 × 4/10 = 2/10। स का नया हिस्सा = पुराना हिस्सा 3/10 + प्राप्त हिस्सा 2/10 = 5/10 = 1/2। परीक्षा-युक्ति: नए हिस्से में हमेशा साझेदार का पुराना हिस्सा और सेवानिवृत्त साझेदार से प्राप्त हिस्सा जोड़ा जाता है। / B’s old share was 4/10. Since A, C and D acquire it in the ratio 1:2:1, C receives 2/4 of B’s share: 2/4 × 4/10 = 2/10. Therefore, C’s new share is 3/10 + 2/10 = 5/10 = 1/2. Exam tip: Add the partner’s old share to the share acquired from the retiring partner; do not report only the acquired portion.
अ, ब, स और द लाभ को 2:4:3:1 के अनुपात में बाँटते हैं। ब सेवानिवृत्त हो जाता है और अ, स तथा द उसके हिस्से को 1:2:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ, स और द का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
कुल प्रारम्भिक अनुपात 10 है, इसलिए ब का हिस्सा 4/10 है। इस हिस्से का 1:2:1 में वितरण होने पर अ, स और द को क्रमशः 1/10, 2/10 और 1/10 प्राप्त होंगे। अतः उनके नए हिस्से क्रमशः 2/10+1/10=3/10, 3/10+2/10=5/10 और 1/10+1/10=2/10 होंगे। इसलिए नया अनुपात 3:5:2 है। परीक्षा-टिप: सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा पहले त्याग-अनुपात में बाँटकर प्रत्येक साझेदार के पुराने हिस्से में जोड़ें। / The total of the original ratio is 10, so B’s share is 4/10. Distributed in the ratio 1:2:1, this gives A, C and D gains of 1/10, 2/10 and 1/10 respectively. Their new shares are therefore 2/10+1/10=3/10, 3/10+2/10=5/10 and 1/10+1/10=2/10. Hence, the new ratio is 3:5:2. Exam tip: Divide the retiring partner’s share according to the gaining ratio and add each gain to the partner’s old share.
A. अ और ब दोनों ने समान हिस्सा ग्रहण किया/A and B both gained equal share
Explanation
Simple Explanation
अ 3/10 से 6/10 हुआ और ब 2/10 से 4/10 हुआ। अनुपातिक gain 3/10 और 2/10 है इसलिए समान नहीं यह सावधानी रखें। / A moved from 3/10 to 6/10 and B from 2/10 to 4/10. Gains are 3/10 and 2/10 so they are not equal.
अ, ब और स लाभों को 3:2:5 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया अनुपात 6:4 हो जाता है। अ और ब का सही ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात में अ का भाग 3/10 और ब का भाग 2/10 था। नए अनुपात 6:4 को 10 के आधार पर लिखने पर अ का भाग 6/10 और ब का भाग 4/10 होगा। इसलिए अ का gain = 6/10 − 3/10 = 3/10 तथा ब का gain = 4/10 − 2/10 = 2/10। अतः ग्रहण अनुपात 3:2 है। विकल्प C नया लाभ-विभाजन अनुपात है, ग्रहण अनुपात नहीं। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात = नया अनुपात − पुराना अनुपात। / Under the old ratio, A’s share was 3/10 and B’s share was 2/10. Expressing the new ratio 6:4 on a base of 10 gives A’s share as 6/10 and B’s share as 4/10. Thus, A’s gain = 6/10 − 3/10 = 3/10, and B’s gain = 4/10 − 2/10 = 2/10. Therefore, the gaining ratio is 3:2. Option C is the new profit-sharing ratio, not the gaining ratio. Exam tip: Gaining ratio = New ratio − Old ratio.
A. अ ने त्याग किया और ब ने gain किया/A sacrificed and B gained
Explanation
Simple Explanation
अ 7/10 से 3/5 यानी 6/10 पर घटा और ब 1/10 से 2/5 यानी 4/10 पर बढ़ा। इसलिए अ ने त्याग और ब ने gain किया। / A decreased from 7/10 to 3/5 or 6/10 and B increased from 1/10 to 2/5 or 4/10. So A sacrificed and B gained.
अ, ब और स लाभ-हानि को 7:1:2 के अनुपात में बाँटते हैं। स की मृत्यु हो जाती है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 हो जाता है। ब के लाभ में वृद्धि (gain) कितनी है?
ब का पुराना हिस्सा \(\frac{1}{10}\) था। नए अनुपात 3:2 में ब का नया हिस्सा \(\frac{2}{5}=\frac{4}{10}\) है। अतः ब का gain = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा = \(\frac{4}{10}-\frac{1}{10}=\frac{3}{10}\)। \(\frac{2}{5}\) ब का नया हिस्सा है, gain नहीं। परीक्षा-युक्ति: gain निकालने के लिए हमेशा नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाएँ। / B’s old share was \(\frac{1}{10}\). Under the new ratio 3:2, B’s new share is \(\frac{2}{5}=\frac{4}{10}\). Therefore, B’s gain = new share − old share = \(\frac{4}{10}-\frac{1}{10}=\frac{3}{10}\). The value \(\frac{2}{5}\) is B’s new share, not the gain. Exam tip: calculate gain by subtracting the old share from the new share.
अ, ब, स और द लाभ को क्रमशः 1:3:4:2 के अनुपात में बाँटते हैं। द सेवानिवृत्त हो जाता है और अ, ब तथा स उसके हिस्से को 1:1:2 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
द का पुराना हिस्सा कुल 10 में से 2, अर्थात् 2/10 था। इसे 1:1:2 में बाँटने पर अ, ब और स को क्रमशः 1/20, 1/20 और 2/20 प्राप्त होंगे। इसलिए उनके नए हिस्से 2/20+1/20=3/20, 6/20+1/20=7/20 और 8/20+2/20=10/20 होंगे। अतः नया अनुपात 3:7:10 है। ध्यान रखें कि 1:1:2 केवल द के हिस्से के त्याग या प्राप्ति का अनुपात है, नया कुल अनुपात नहीं। / D’s old share was 2 out of 10, i.e. 2/10. When this share is acquired in the ratio 1:1:2, A, B and C receive 1/20, 1/20 and 2/20 respectively. Their new shares become 2/20+1/20=3/20, 6/20+1/20=7/20 and 8/20+2/20=10/20. Therefore, the new ratio is 3:7:10. Remember that 1:1:2 is only the ratio for acquiring D’s share, not the final profit-sharing ratio.
A. पुराना हिस्सा जमा दिया गया प्राप्त हिस्सा/Old share plus given gained share
Explanation
Simple Explanation
प्राप्त हिस्सा शेष साझेदार के पुराने हिस्से में जोड़ा जाता है। यही नया हिस्सा बनाता है। / The gained share is added to the old share of the continuing partner. This forms the new share.
A. जब किसी शेष साझेदार का हिस्सा बढ़े और किसी का घटे/When one continuing partner share increases and another decreases
Explanation
Simple Explanation
नया हिस्सा पुराने हिस्से से तुलना करने पर कोई gain और कोई sacrifice कर सकता है। इसलिए संकेतों को अलग अलग पहचानें। / On comparing new share with old share one may gain and another may sacrifice. So identify the signs separately.
अ और ब का पुराना आपसी अनुपात 2:2 यानी 1:1 है। पुराने आपसी अनुपात में हिस्सा लेने पर नया अनुपात 1:1 रहता है। / A and B old mutual ratio is 2:2 or 1:1. Taking share in old mutual ratio keeps new ratio 1:1.
अ, ब और स लाभों को 2:2:6 के अनुपात में बाँटते हैं। स सेवानिवृत्त हो जाता है और अ तथा ब का नया लाभ-विभाजन अनुपात 1:1 हो जाता है। अ और ब का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
अ और ब का पुराना हिस्सा क्रमशः 2/10 और 2/10 था। नए अनुपात 1:1 में प्रत्येक का हिस्सा 1/2 यानी 5/10 हो गया। इसलिए प्रत्येक का लाभ 5/10 − 2/10 = 3/10 है। दोनों का लाभ बराबर होने के कारण ग्रहण अनुपात 3/10:3/10 = 1:1 होगा। परीक्षा-युक्ति: ग्रहण अनुपात = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा, और अनुपात को सदैव सरलतम रूप में लिखें। / A and B originally had shares of 2/10 each. Under the new ratio of 1:1, each receives 1/2, or 5/10. Therefore, each partner’s gain is 5/10 − 2/10 = 3/10. Since both gains are equal, the gaining ratio is 3/10:3/10 = 1:1. Exam tip: Calculate gaining ratio as new share minus old share, then reduce it to the simplest form.
स का हिस्सा 3/10 है। 2:2:1 में अ को 3/25 ब को 3/25 और द को 3/50 मिलता है जिससे अनुपात 16:21:13 बनता है। / C share is 3/10. In 2:2:1 A gets 3/25 B gets 3/25 and D gets 3/50 giving ratio 16:21:13.
स का 1/10 हिस्सा अ को मिलता है इसलिए अ 4/10 और ब 6/10 हो जाता है। नया अनुपात 4:6 यानी 2:3 भी लिखा जा सकता है। / C share 1/10 goes to A so A becomes 4/10 and B remains 6/10. New ratio is 4:6 which may also be written as 2:3.
अ, ब और स का लाभ-विभाजन अनुपात 3:6:1 है। स सेवानिवृत्त हो जाता है और उसका पूरा हिस्सा केवल अ को मिलता है। अ और ब का सरल नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
स का हिस्सा 1/10 है। स के सेवानिवृत्त होने पर अ को उसका हिस्सा मिलने से अ का नया हिस्सा 3/10 + 1/10 = 4/10 हो जाता है, जबकि ब का हिस्सा 6/10 ही रहता है। इसलिए नया अनुपात 4:6 है, जिसे 2 से भाग देने पर सरल अनुपात 2:3 प्राप्त होता है। परीक्षा-युक्ति: सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा किस साझेदार को मिला है, पहले उसी के पुराने हिस्से में जोड़ें; फिर अनुपात को सरल करें। / C’s share is 1/10. Since A takes over C’s entire share, A’s new share becomes 3/10 + 1/10 = 4/10, while B’s share remains 6/10. Thus, the new ratio is 4:6, which simplifies to 2:3. Exam tip: First add the retiring partner’s share to the gaining partner’s old share, and then reduce the resulting ratio to its simplest form.
A, B और C लाभ-हानि को 4:4:2 के अनुपात में बाँटते हैं। C सेवानिवृत्त हो जाता है और उसका पूरा हिस्सा केवल B ग्रहण करता है। A और B का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
C का हिस्सा 2/10 है। चूँकि C का पूरा हिस्सा केवल B ग्रहण करता है, इसलिए B का gain 2/10 और A का gain शून्य है। अतः A:B का ग्रहण अनुपात 0:2, अर्थात् 0:1 होगा। परीक्षा में ध्यान रखें कि ग्रहण अनुपात केवल सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा लेने वाले नए लाभों के आधार पर निकाला जाता है। / C’s share is 2/10. Since B alone takes over C’s entire share, B’s gain is 2/10 while A’s gain is zero. Therefore, the gaining ratio of A:B is 0:2, which simplifies to 0:1. Exam tip: calculate the gain of each continuing partner separately before simplifying the ratio.
अ, ब और स लाभों को क्रमशः 2:5:3 के अनुपात में बाँटते हैं। अ के सेवानिवृत्त होने के बाद ब और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात 6:4 हो जाता है। ब और स का ग्रहण अनुपात क्या होगा?
पुराना अनुपात 2:5:3 होने से ब का पुराना हिस्सा 5/10 और स का 3/10 था। नया अनुपात 6:4 होने पर ब का हिस्सा 6/10 और स का 4/10 हो गया। अतः ब का लाभ 6/10 − 5/10 = 1/10 तथा स का लाभ 4/10 − 3/10 = 1/10 है। इसलिए ग्रहण अनुपात 1:1 होगा। परीक्षा-टिप: ग्रहण अनुपात = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा; सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा इसमें शामिल नहीं किया जाता। / Under the old ratio 2:5:3, B’s share was 5/10 and C’s share was 3/10. Under the new ratio 6:4, B’s share becomes 6/10 and C’s share becomes 4/10. Therefore, B gains 6/10 − 5/10 = 1/10 and C gains 4/10 − 3/10 = 1/10. Hence, their gaining ratio is 1:1. Exam tip: Gaining ratio = New share − Old share; the retiring partner’s share is not included in this ratio.
अ, ब और स लाभों को क्रमशः 6:2:2 के अनुपात में बाँटते हैं। अ के सेवानिवृत्त होने पर ब और स का नया लाभ-विभाजन अनुपात 5:5 निर्धारित किया गया। इस परिवर्तन के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
A. ब और स ने बराबर लाभ-अंश प्राप्त किया/B and C gained equally
Explanation
Simple Explanation
पुराना अनुपात 6:2:2 होने से ब और स, प्रत्येक का पुराना अंश 2/10 था। नया अनुपात 5:5 होने पर दोनों का नया अंश 5/10 हो गया। अतः ब का लाभ = 5/10 − 2/10 = 3/10 और स का लाभ भी = 3/10 है। इसलिए दोनों ने बराबर लाभ-अंश प्राप्त किया। परीक्षा टिप: सेवानिवृत्ति के प्रश्नों में प्रत्येक शेष साझेदार का लाभ = नया अंश − पुराना अंश से निकालें। / Under the old ratio of 6:2:2, both B and C had a share of 2/10. Under the new ratio of 5:5, each receives 5/10. Therefore, B's gain is 5/10 − 2/10 = 3/10, and C's gain is also 3/10. Hence, both partners gained equally. Exam tip: In retirement questions, calculate each continuing partner's gain as new share minus old share.
अ का हिस्सा 4/10 है और तीनों को 4/30 प्रत्येक मिलता है। सभी शेष साझेदारों के हिस्से बराबर हो जाते हैं। / A share is 4/10 and each of three gets 4/30. All continuing partners shares become equal.
A. नया हिस्सा घटा पुराना हिस्सा/New share minus old share
Explanation
Simple Explanation
ग्रहण हिस्सा निकालने के लिए नए हिस्से में से पुराने हिस्से को घटाते हैं। धनात्मक परिणाम gain और ऋणात्मक परिणाम sacrifice बताता है। / To find gained share subtract old share from new share. Positive result shows gain and negative result shows sacrifice.
अ, ब, स और द लाभों को क्रमशः 1:4:2:3 के अनुपात में बाँटते हैं। स की मृत्यु हो जाती है और अ, ब तथा द उसके लाभ के हिस्से को 2:1:1 के अनुपात में प्राप्त करते हैं। अ, ब और द का नया लाभ-विभाजन अनुपात क्या होगा?
पुराने अनुपात का योग 10 है, इसलिए स का हिस्सा 2/10 है। यह हिस्सा अ, ब और द को 2:1:1 में मिलता है; अतः उनके लाभ क्रमशः 1/10, 1/20 और 1/20 बढ़ेंगे। नए हिस्से होंगे: अ = 1/10 + 1/10 = 4/20, ब = 4/10 + 1/20 = 9/20 और द = 3/10 + 1/20 = 7/20। इसलिए नया अनुपात 4:9:7 है। परीक्षा में मृत साझेदार का हिस्सा पुराने अनुपात के अनुसार नहीं, बल्कि नए साझेदारों के प्राप्ति अनुपात में बाँटना याद रखें। / The total of the old ratio is 10, so C’s share is 2/10. This share is acquired by A, B and D in the ratio 2:1:1, giving them increments of 1/10, 1/20 and 1/20 respectively. Their new shares are A = 1/10 + 1/10 = 4/20, B = 4/10 + 1/20 = 9/20, and D = 3/10 + 1/20 = 7/20. Hence, the new ratio is 4:9:7. Exam tip: distribute the outgoing partner’s share according to the acquiring ratio, not according to the old ratio.