Muft Shiksha™ एक 100% Free Education Portal है 🇮🇳, जिसका उद्देश्य Class 9–12 के हर विद्यार्थी तक High-Quality Education को पूरी तरह मुफ्त पहुँचाना है। 🇮🇳 हम मानते हैं कि अच्छी शिक्षा किसी student की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। 🇮🇳 हर विद्यार्थी को वही Quality Study Material, MCQs, Quizzes, Exam Preparation, Concept-Based Learning और Bilingual Support मिलना चाहिए, जो आमतौर पर महंगी Coaching या Premium Platforms में मिलता है। Muft Shiksha™ 🇮🇳 इसी सोच के साथ बनाया गया है • Muft Shiksha™ एक 100% Free Education Portal है 🇮🇳, जिसका उद्देश्य Class 9–12 के हर विद्यार्थी तक High-Quality Education को पूरी तरह मुफ्त पहुँचाना है। 🇮🇳 हम मानते हैं कि अच्छी शिक्षा किसी student की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। 🇮🇳 हर विद्यार्थी को वही Quality Study Material, MCQs, Quizzes, Exam Preparation, Concept-Based Learning और Bilingual Support मिलना चाहिए, जो आमतौर पर महंगी Coaching या Premium Platforms में मिलता है। Muft Shiksha™ 🇮🇳 इसी सोच के साथ बनाया गया है • Muft Shiksha™ एक 100% Free Education Portal है 🇮🇳, जिसका उद्देश्य Class 9–12 के हर विद्यार्थी तक High-Quality Education को पूरी तरह मुफ्त पहुँचाना है। 🇮🇳 हम मानते हैं कि अच्छी शिक्षा किसी student की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। 🇮🇳 हर विद्यार्थी को वही Quality Study Material, MCQs, Quizzes, Exam Preparation, Concept-Based Learning और Bilingual Support मिलना चाहिए, जो आमतौर पर महंगी Coaching या Premium Platforms में मिलता है। Muft Shiksha™ 🇮🇳 इसी सोच के साथ बनाया गया है
लाभ और हानि विनियोग खाते में शुद्ध लाभ 200000 रुपये है। आहरण पर ब्याज 8000 रुपये है। साझेदार वेतन 40000 रुपये पूंजी पर ब्याज 30000 रुपये और कमीशन 10000 रुपये है। शेष वितरित लाभ कितना होगा?
आहरण पर ब्याज को क्रेडिट में जोड़कर बाकी विनियोग घटाए जाते हैं। इसलिए शेष 200000 जमा 8000 घटा 80000 बराबर 128000 रुपये है। / Interest on drawings is added on the credit side and other appropriations are deducted. So the balance is ₹200000 plus ₹8000 minus ₹80000 equal to ₹128000.
मासिक शुरुआत वाले आहरण में औसत अवधि साढ़े छह महीने होती है। कुल आहरण 48000 रुपये पर यही समय लगेगा। / For monthly drawings at the beginning the average period is 6.5 months. Apply this period on total drawings of ₹48000.
महीने के अंत में नियमित आहरण पर औसत अवधि साढ़े पांच महीने होती है। इसी आधार पर ब्याज 3300 रुपये है। / For regular drawings at the end of each month the average period is 5.5 months. On this basis interest is ₹3300.
तिमाही के मध्य में नियमित आहरण के लिए औसत अवधि छह महीने मानी जाती है। कुल आहरण 60000 रुपये पर छह महीने का ब्याज लगेगा। / For quarterly drawings made in the middle the average period is taken as six months. Interest is charged on total drawings ₹60000 for six months.
अ ने एक अप्रैल को 10000 रुपये एक अगस्त को 16000 रुपये और एक दिसंबर को 24000 रुपये निकाले। वर्ष इकतीस मार्च को समाप्त होता है और ब्याज दर नौ प्रतिशत है। आहरण पर ब्याज कितना होगा?
राशियों पर क्रमशः बारह आठ और चार महीने का ब्याज लगेगा। उत्पाद विधि से कुल ब्याज 3150 रुपये है। / The amounts carry interest for twelve eight and four months respectively. By product method total interest is ₹3150.
अ और ब लाभ को तीन अनुपात दो में बांटते हैं। अ को 24000 रुपये वेतन मिलना था लेकिन भूल गया। लाभ पहले बांटा जा चुका है। सुधार प्रविष्टि में ब को कितना डेबिट किया जाएगा?
वेतन का भार लाभ अनुपात में पड़ेगा। ब अपने दो पांच हिस्से के कारण 9600 रुपये वहन करेगा। / The salary burden falls in the profit ratio. B bears two fifth of ₹24000 which is ₹9600.
A. ब को 2000 रुपये डेबिट और अ को 2000 रुपये क्रेडिट/Debit B ₹2000 and credit A ₹2000
Explanation
Simple Explanation
आहरण ब्याज ब से वसूलना है पर लाभ बढ़ने पर ब को तीन चौथाई वापस मिलता। शुद्ध भार ब पर 2000 रुपये है। / Interest must be recovered from B but increased profit would give B back three fourth. Net burden on B is ₹2000.
अ और ब का लाभ अनुपात दो अनुपात पांच है। अ की पूंजी 140000 रुपये और ब की 210000 रुपये है। पूंजी पर ब्याज दस प्रतिशत छूट गया और लाभ पहले बांटा गया। शुद्ध समायोजन किसके पक्ष में होगा?
A. अ के पक्ष में 4000 रुपये/In favour of A by ₹4000
Explanation
Simple Explanation
देय ब्याज अ 14000 रुपये और ब 21000 रुपये है। कुल भार लाभ अनुपात में डालने पर अ को 4000 रुपये शुद्ध मिलेंगे। / Interest due is A ₹14000 and B ₹21000. After charging the total in profit ratio A receives a net ₹4000.
अ ब और स लाभ को पांच अनुपात तीन अनुपात दो में बांटते हैं। स को 50000 रुपये न्यूनतम लाभ की गारंटी अ अकेले देता है। कुल लाभ 200000 रुपये है। अ का अंतिम हिस्सा कितना होगा?
स का सामान्य हिस्सा 40000 रुपये है और कमी 10000 रुपये है। अ अपने सामान्य 100000 रुपये में से यह कमी वहन करेगा। / C's normal share is ₹40000 and deficiency is ₹10000. A bears this deficiency out of his normal ₹100000 share.
अ ब और स लाभ को चार अनुपात चार अनुपात एक में बांटते हैं। स को 30000 रुपये की गारंटी अ और ब अपने लाभ अनुपात में देते हैं। कुल लाभ 180000 रुपये है। ब का अंतिम लाभ कितना होगा?
स का सामान्य हिस्सा 20000 रुपये है और कमी 10000 रुपये है। अ और ब बराबर कमी वहन करते हैं इसलिए ब का हिस्सा 80000 से घटकर 75000 रुपये है। / C's normal share is ₹20000 and deficiency is ₹10000. A and B bear it equally so B's share falls from ₹80000 to ₹75000.
मौन विलेख में साझेदार के ऋण पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता है। तीन महीने के लिए ब्याज 3000 रुपये होगा। / Under a silent deed partner's loan carries 6% interest per annum. For three months the interest is ₹3000.
A. कोई ब्याज नहीं लगेगा/No interest will be charged
Explanation
Simple Explanation
फर्म द्वारा साझेदार को दिए ऋण पर ब्याज तभी लगता है जब विलेख में हो। इसे साझेदार द्वारा फर्म को दिए ऋण से अलग रखें। / Interest on loan given by the firm to a partner is charged only if the deed provides it. Keep it separate from partner's loan to the firm.
विलेख में पूंजी पर ब्याज आठ प्रतिशत है। लाभ केवल 36000 रुपये है। अ और ब की पूंजी क्रमशः 300000 रुपये और 200000 रुपये है। कोई अन्य विनियोग नहीं है। ब को कितना ब्याज मिलेगा?
देय ब्याज अ 24000 रुपये और ब 16000 रुपये है। लाभ कम होने पर उपलब्ध 36000 रुपये इसी अनुपात में बांटे जाएंगे। / Interest due is A ₹24000 and B ₹16000. When profit is insufficient available ₹36000 is divided in that ratio.
लाभ 80000 रुपये है। साझेदार वेतन 50000 रुपये और पूंजी ब्याज 70000 रुपये देय है। विलेख में वेतन को प्राथमिकता दी गई है। पूंजी ब्याज कितना दिया जा सकता है?
पहले प्राथमिकता वाला वेतन 50000 रुपये दिया जाएगा। शेष लाभ 30000 रुपये ही पूंजी ब्याज के लिए उपलब्ध है। / The priority salary of ₹50000 is allowed first. Only remaining profit ₹30000 is available for interest on capital.
कमीशन \(=112000 \times \frac{12}{112}\) होगा। बाद वाले लाभ पर कमीशन में हर सौ जमा दर होता है। / Commission \(=112000 \times \frac{12}{112}\). For commission on profit after commission the denominator is 100 plus the rate.
जब कमीशन सीधे शुद्ध लाभ पर हो तो दर को सीधे लगाया जाता है। 250000 रुपये का सात प्रतिशत 17500 रुपये है। / When commission is directly on net profit apply the rate directly. Seven percent of ₹250000 is ₹17500.
अ और ब लाभ को सात अनुपात तीन में बांटते हैं। ब को कुल लाभ का दस प्रतिशत कमीशन मिलता है और शेष लाभ अनुपात में बांटा जाता है। कुल लाभ 150000 रुपये है। अ का हिस्सा कितना होगा?
ब का कमीशन 15000 रुपये है और शेष 135000 रुपये है। अ को शेष का सात दस हिस्सा 94500 रुपये मिलेगा। / B's commission is ₹15000 and the remaining profit is ₹135000. A gets seven tenths of the balance which is ₹94500.
स्थिर पूंजी पद्धति में अ का चालू खाता प्रारंभ में 12000 रुपये क्रेडिट था। अ को वेतन 30000 रुपये मिला और आहरण 38000 रुपये थे। अंतिम चालू खाता शेष क्या होगा?
क्रेडिट 12000 जमा 30000 बराबर 42000 रुपये और डेबिट 38000 रुपये है। शेष 4000 रुपये क्रेडिट रहेगा। / Credits are ₹12000 plus ₹30000 equal to ₹42000 and debit is ₹38000. The balance remains credit ₹4000.
चल पूंजी पद्धति में ब की प्रारंभिक पूंजी 250000 रुपये है। लाभ हिस्सा 60000 रुपये पूंजी ब्याज 20000 रुपये आहरण 70000 रुपये और आहरण ब्याज 5000 रुपये है। अंतिम पूंजी कितनी होगी?
क्रेडिट समायोजन 80000 रुपये और डेबिट समायोजन 75000 रुपये हैं। पूंजी 5000 रुपये बढ़कर 255000 रुपये होगी। / Credit adjustments are ₹80000 and debit adjustments are ₹75000. Capital increases by ₹5000 to ₹255000.
अ और ब समान साझेदार हैं। अ को पूंजी पर 10000 रुपये ब्याज गलती से नहीं दिया गया और ब को वेतन 6000 रुपये अधिक दिया गया। खातों के बंद होने के बाद शुद्ध सुधार क्या होगा?
A. अ को 8000 रुपये क्रेडिट और ब को 8000 रुपये डेबिट/Credit A ₹8000 and debit B ₹8000
Explanation
Simple Explanation
अ के ब्याज से शुद्ध लाभ 5000 रुपये है और ब के अतिरिक्त वेतन को हटाने से अ को 3000 रुपये और मिलता है। कुल सुधार 8000 रुपये अ के पक्ष में है। / A's omitted interest gives a net benefit of ₹5000 and removing B's excess salary gives A another ₹3000. Total correction is ₹8000 in A's favour.
A. अ को 18000 रुपये डेबिट और ब को 18000 रुपये क्रेडिट/Debit A ₹18000 and credit B ₹18000
Explanation
Simple Explanation
कमीशन या वेतन का भार सही हो चुका है पर क्रेडिट गलत व्यक्ति को गया। इसलिए पूरी राशि अ से ब को स्थानांतरित होगी। / The charge of salary is already correct but the credit went to the wrong person. So the whole amount is transferred from A to B.
A. अ को 6500 रुपये डेबिट और ब को 2500 रुपये क्रेडिट/Debit A ₹6500 and credit B ₹2500
Explanation
Simple Explanation
आहरण ब्याज अ से लेना है और खर्च हटाने से लाभ 4000 रुपये बढ़ेगा। अ पर शुद्ध 6500 रुपये डेबिट और ब को 2500 रुपये क्रेडिट होगा। / Interest is recoverable from A and removing the expense increases profit by ₹4000. Net debit to A is ₹6500 and credit to B is ₹2500.
छूटे वेतन का भार सभी पर लाभ अनुपात में पड़ेगा। अ का तीन छठा हिस्सा 12000 रुपये डेबिट होगा। / The omitted salary is borne by all in the profit ratio. A's three sixth share is ₹12000 debit.
कमीशन स को मिलना है पर उसका आधा भार स खुद लाभ अनुपात में उठाता है। इसलिए शुद्ध क्रेडिट 10000 रुपये होगा। / Commission is payable to C but C bears half of its burden through profit ratio. So net credit is ₹10000.
जब अलग हानि अनुपात न हो तो हानि भी लाभ अनुपात में बांटी जाती है। परीक्षा में पूंजी अनुपात स्वतः नहीं लगाएं। / When no separate loss ratio is given losses are shared in the profit ratio. Do not apply capital ratio automatically.
A. साझेदार के ऋण पर ब्याज/Interest on partner's loan
Explanation
Simple Explanation
साझेदार के ऋण पर ब्याज लाभ निकालने से पहले का खर्च है। बाकी मदें सामान्यतः लाभ का विनियोग हैं। / Interest on partner's loan is an expense before calculating profit. The other items are usually appropriations of profit.
आहरण पर ब्याज साझेदार से फर्म को देय होता है। इसलिए संबंधित साझेदार के खाते में डेबिट किया जाता है। / Interest on drawings is payable by the partner to the firm. Therefore it is debited to the concerned partner's account.
पूंजी पर ब्याज साझेदार को देय राशि है। इसलिए इसे उसके खाते में क्रेडिट किया जाता है। / Interest on capital is an amount payable to the partner. Therefore it is credited to the partner's account.
तारीखें न होने पर औसत अवधि छह महीने ली जाती है। कुल आहरण 120000 रुपये पर छह महीने का ब्याज 3600 रुपये है। / When dates are not given the average period is taken as six months. Interest on total drawings ₹120000 for six months is ₹3600.
150000 रुपये पर पूरे वर्ष और 50000 रुपये पर छह महीने का ब्याज लगेगा। कुल ब्याज 18000 जमा 3000 बराबर 21000 रुपये है। / Interest is charged on ₹150000 for the full year and ₹50000 for six months. Total interest is ₹18000 plus ₹3000 equal to ₹21000.
पूंजी वापसी छह महीने के लिए प्रभावी है। कमी \(60000 \times 10% \times \frac{6}{12}\) बराबर 3000 रुपये है। / The capital withdrawal affects six months. Reduction is \(60000 \times 10% \times \frac{6}{12}\) equal to ₹3000.
अ और ब का लाभ अनुपात तीन अनुपात दो है। ब को 30000 रुपये न्यूनतम लाभ की गारंटी है। कुल लाभ 70000 रुपये है। गारंटी अ द्वारा दी गई है। अ का अंतिम हिस्सा कितना होगा?
ब का सामान्य हिस्सा 28000 रुपये है और कमी 2000 रुपये है। अ का सामान्य हिस्सा 42000 रुपये घटकर 40000 रुपये हो जाएगा। / B's normal share is ₹28000 and deficiency is ₹2000. A's normal share ₹42000 reduces to ₹40000.
विनियोग 40000 रुपये घटाने पर शेष 50000 रुपये है। ब को शेष का एक पांच हिस्सा 10000 रुपये और ब्याज 15000 रुपये मिलेगा। / After deducting appropriations of ₹40000 the balance is ₹50000. B gets one fifth of the balance ₹10000 plus interest ₹15000.
अ ब और स का लाभ अनुपात दो अनुपात दो अनुपात एक है। कुल लाभ 125000 रुपये है। अ को 15000 रुपये वेतन और ब को 10000 रुपये कमीशन है। स का शेष लाभ हिस्सा कितना होगा?
वेतन और कमीशन के बाद शेष 100000 रुपये है। स को एक पांच हिस्सा यानी 20000 रुपये मिलेगा। / After salary and commission the balance is ₹100000. C gets one fifth which is ₹20000.
A. अ और ब के खाते 12000 रुपये प्रत्येक डेबिट/Debit A and B accounts ₹12000 each
Explanation
Simple Explanation
डेबिट पक्ष अधिक होने पर विनियोग हानि बनती है। इसे हानि अनुपात में साझेदारों को डेबिट किया जाता है। / Excess debit side creates appropriation loss. It is debited to partners in the loss sharing ratio.
A. अ को 42000 रुपये डेबिट और ब को 42000 रुपये क्रेडिट/Debit A ₹42000 and credit B ₹42000
Explanation
Simple Explanation
गलत हिस्सा अ 90000 और ब 30000 था जबकि सही हिस्सा अ 48000 और ब 72000 है। इसलिए 42000 रुपये अ से ब को जाएंगे। / Wrong shares were A ₹90000 and B ₹30000 while correct shares are A ₹48000 and B ₹72000. So ₹42000 is transferred from A to B.
A. अ को 9000 रुपये क्रेडिट और ब को 9000 रुपये डेबिट/Credit A ₹9000 and debit B ₹9000
Explanation
Simple Explanation
वेतन में 18000 रुपये कम क्रेडिट हुआ। इसका भार समान अनुपात में पड़ता इसलिए अ का शुद्ध लाभ 9000 रुपये है। / Salary was under credited by ₹18000. Since its burden falls equally A's net benefit is ₹9000.
A. ब को 1600 रुपये डेबिट और अ को 1600 रुपये क्रेडिट/Debit B ₹1600 and credit A ₹1600
Explanation
Simple Explanation
अतिरिक्त ब्याज 4000 रुपये ब से लेना है पर बढ़े लाभ में ब को तीन पांच हिस्सा वापस मिलेगा। शुद्ध भार 1600 रुपये है। / Additional interest of ₹4000 is recoverable from B but B gets back three fifth through increased profit. Net burden is ₹1600.
साझेदार अ को लाभ का दस प्रतिशत कमीशन देना है और फिर शेष लाभ अ और ब में समान बांटना है। लाभ 110000 रुपये है और कमीशन लाभ के बाद वाले आधार पर है। अ का कुल हिस्सा कितना होगा?
कमीशन \(110000 \times \frac{10}{110}=10000\) रुपये है। शेष 100000 रुपये का आधा जोड़ने पर अ को 60000 रुपये मिलते हैं। / Commission is \(110000 \times \frac{10}{110}=10000\). Adding half of remaining ₹100000 gives A ₹60000.
A. अ का खाता 24000 रुपये डेबिट होगा/A's account will be debited ₹24000
Explanation
Simple Explanation
घरेलू किराया साझेदार का निजी खर्च है। फर्म द्वारा भुगतान होने पर यह आहरण माना जाता है और अ का खाता डेबिट होता है। / Household rent is a personal expense of the partner. When paid by the firm it is treated as drawings and A's account is debited.
A. अ के आहरण में 15000 रुपये डेबिट और बिक्री से हटाना/Debit A's drawings by ₹15000 and remove from sales
Explanation
Simple Explanation
निजी उपयोग के लिए माल आहरण है बिक्री नहीं। इसलिए बिक्री कम कर अ के खाते को डेबिट करना चाहिए। / Goods taken for personal use are drawings not sales. So sales should be reduced and A's account debited.
A. वेतन नहीं दिया जाएगा/Salary will not be allowed
Explanation
Simple Explanation
साझेदार वेतन केवल विलेख में प्रावधान होने पर दिया जाता है। मौन विलेख में इसे लाभ का विनियोग नहीं मानते। / Partner salary is allowed only when the deed provides for it. Under a silent deed it is not treated as an appropriation.
A. दोनों नहीं दिए या लगाए जाएंगे/Neither will be allowed or charged
Explanation
Simple Explanation
मौन विलेख में पूंजी पर ब्याज और आहरण पर ब्याज दोनों स्वतः लागू नहीं होते। साझेदार ऋण का नियम अलग है। / Under a silent deed neither interest on capital nor interest on drawings applies automatically. Partner's loan rule is different.
अ ब और स की पूंजी क्रमशः 100000 रुपये 150000 रुपये और 250000 रुपये है। लाभ अनुपात समान है। पूंजी पर ब्याज छह प्रतिशत और लाभ 90000 रुपये है। स का कुल लाभ कितना होगा?
स का पूंजी ब्याज 15000 रुपये है। कुल ब्याज 30000 रुपये घटाने के बाद शेष 60000 रुपये में स को 20000 रुपये मिलेंगे इसलिए कुल 35000 रुपये होना चाहिए। / C's interest on capital is ₹15000. After total interest ₹30000 the balance ₹60000 gives C ₹20000 so total should be ₹35000.
अ ब और स की पूंजी क्रमशः 100000 रुपये 150000 रुपये और 250000 रुपये है। लाभ अनुपात समान है। पूंजी पर ब्याज छह प्रतिशत और लाभ 90000 रुपये है। स का कुल हिस्सा कितना होगा?
स का ब्याज 15000 रुपये है और शेष लाभ में उसका हिस्सा 20000 रुपये है। कुल हिस्सा 35000 रुपये है। / C's interest is ₹15000 and his share in the remaining profit is ₹20000. Total share is ₹35000.
अ और ब लाभ को तीन अनुपात दो में बांटते हैं। पूंजी पर ब्याज कुल 50000 रुपये था पर गलती से लाभ अनुपात में 30000 रुपये ही दिया गया। सही देय ब्याज अ 20000 रुपये और ब 30000 रुपये था। शुद्ध सुधार क्या होगा?
A. ब को 18000 रुपये क्रेडिट और अ को 18000 रुपये डेबिट/Credit B ₹18000 and debit A ₹18000
Explanation
Simple Explanation
गलत ब्याज अ 18000 और ब 12000 दिया गया था। सही राशि से तुलना करने पर ब को 18000 रुपये और अ से 18000 रुपये जाने चाहिए। / Wrong interest given was A ₹18000 and B ₹12000. Comparing with correct amounts B should receive ₹18000 from A.
A. ब को 4000 रुपये क्रेडिट और अ को 4000 रुपये डेबिट/Credit B ₹4000 and debit A ₹4000
Explanation
Simple Explanation
कुल वेतन 24000 रुपये का भार दो अनुपात एक में पड़ता है। ब को 12000 मिलना चाहिए पर उसका भार 8000 रुपये नहीं बल्कि 8000 कम है इसलिए शुद्ध 4000 रुपये ब के पक्ष में है। / Total salary ₹24000 is charged in the 2:1 ratio. Comparing each partner's salary due with burden gives a net ₹4000 in B's favour.
अ ब और स का लाभ अनुपात एक अनुपात दो अनुपात तीन है। स को 36000 रुपये न्यूनतम लाभ की गारंटी सभी साझेदारों ने लाभ अनुपात में दी है। कुल लाभ 90000 रुपये है। अ का अंतिम हिस्सा कितना होगा?
स का सामान्य हिस्सा 45000 रुपये है जो गारंटी से अधिक है। कोई कमी नहीं है इसलिए अ का सामान्य हिस्सा 15000 रुपये रहेगा। / C's normal share is ₹45000 which is more than the guarantee. There is no deficiency so A's normal share remains ₹15000.
अ ब और स का लाभ अनुपात तीन अनुपात तीन अनुपात दो है। स को 40000 रुपये न्यूनतम लाभ की गारंटी अ और ब बराबर देते हैं। कुल लाभ 120000 रुपये है। अ का अंतिम हिस्सा कितना है?
स का सामान्य हिस्सा 30000 रुपये है और कमी 10000 रुपये है। अ आधी कमी 5000 रुपये वहन करता है इसलिए उसका हिस्सा 35000 रुपये रहेगा। / C's normal share is ₹30000 and deficiency is ₹10000. A bears half deficiency ₹5000 so his share becomes ₹35000.
लाभ 60000 रुपये है। विलेख में पूंजी पर ब्याज लाभ हो या हानि हर स्थिति में देय है। पूंजी ब्याज 25000 रुपये और चालू वर्ष की व्यापारिक हानि 60000 रुपये है। कुल हानि कितनी बांटी जाएगी?
हर हाल में देय पूंजी ब्याज हानि को बढ़ाता है। इसलिए बांटी जाने वाली कुल हानि 60000 जमा 25000 बराबर 85000 रुपये है। / Interest on capital payable in all circumstances increases the loss. So total loss to be distributed is ₹60000 plus ₹25000 equal to ₹85000.