Muft Shiksha™ एक 100% Free Education Portal है 🇮🇳, जिसका उद्देश्य Class 9–12 के हर विद्यार्थी तक High-Quality Education को पूरी तरह मुफ्त पहुँचाना है। 🇮🇳 हम मानते हैं कि अच्छी शिक्षा किसी student की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। 🇮🇳 हर विद्यार्थी को वही Quality Study Material, MCQs, Quizzes, Exam Preparation, Concept-Based Learning और Bilingual Support मिलना चाहिए, जो आमतौर पर महंगी Coaching या Premium Platforms में मिलता है। Muft Shiksha™ 🇮🇳 इसी सोच के साथ बनाया गया है • Muft Shiksha™ एक 100% Free Education Portal है 🇮🇳, जिसका उद्देश्य Class 9–12 के हर विद्यार्थी तक High-Quality Education को पूरी तरह मुफ्त पहुँचाना है। 🇮🇳 हम मानते हैं कि अच्छी शिक्षा किसी student की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। 🇮🇳 हर विद्यार्थी को वही Quality Study Material, MCQs, Quizzes, Exam Preparation, Concept-Based Learning और Bilingual Support मिलना चाहिए, जो आमतौर पर महंगी Coaching या Premium Platforms में मिलता है। Muft Shiksha™ 🇮🇳 इसी सोच के साथ बनाया गया है • Muft Shiksha™ एक 100% Free Education Portal है 🇮🇳, जिसका उद्देश्य Class 9–12 के हर विद्यार्थी तक High-Quality Education को पूरी तरह मुफ्त पहुँचाना है। 🇮🇳 हम मानते हैं कि अच्छी शिक्षा किसी student की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। 🇮🇳 हर विद्यार्थी को वही Quality Study Material, MCQs, Quizzes, Exam Preparation, Concept-Based Learning और Bilingual Support मिलना चाहिए, जो आमतौर पर महंगी Coaching या Premium Platforms में मिलता है। Muft Shiksha™ 🇮🇳 इसी सोच के साथ बनाया गया है
चल पूँजी पद्धति में अ की प्रारंभिक पूँजी रुपये 140000 है। अतिरिक्त पूँजी रुपये 25000 लाभ हिस्सा रुपये 32000 वेतन रुपये 18000 आहरण रुपये 22000 और आहरण पर ब्याज रुपये 2200 है। अंतिम पूँजी कितनी होगी?
क्रेडिट मदें जोड़ें और डेबिट मदें घटाएँ। रुपये 140000 जोड़ रुपये 75000 घटा रुपये 24200 बराबर रुपये 190800 है। / Add credit items and deduct debit items. Rs 140000 plus Rs 75000 minus Rs 24200 equals Rs 190800.
अ का चालू खाता रुपये 7500 डेबिट से शुरू हुआ। वर्ष में पूँजी पर ब्याज रुपये 11000 लाभ हिस्सा रुपये 24000 आहरण रुपये 28000 और निजी खर्च रुपये 3500 है। अंतिम चालू शेष क्या होगा?
कुल क्रेडिट रुपये 35000 और कुल डेबिट रुपये 39000 है। इसलिए अंतिम शेष रुपये 4000 डेबिट है। / Total credit is Rs 35000 and total debit is Rs 39000. Therefore the closing balance is Rs 4000 debit.
कुल दावा रुपये 30000 है और अ का हिस्सा तीन पांचवां है। उपलब्ध लाभ रुपये 24000 का तीन पांचवां रुपये 14400 है। / Total claim is Rs 30000 and As share is three fifths. Three fifths of available profit Rs 24000 is Rs 14400.
कुल ब्याज दावा रुपये 30000 है और स का दावा आधा है। इसलिए स को उपलब्ध लाभ का आधा रुपये 10000 मिलेगा। / Total interest claim is Rs 30000 and Cs claim is half. Therefore C receives half of the available profit which is Rs 10000.
अ की अंतिम पूँजी रुपये 165000 है। प्रारंभिक पूँजी रुपये 130000 अतिरिक्त पूँजी रुपये 20000 वेतन रुपये 10000 आहरण रुपये 12000 और आहरण पर ब्याज रुपये 3000 है। लाभ हिस्सा कितना था?
ज्ञात क्रेडिट और डेबिट लगाने पर लाभ के बिना शेष रुपये 145000 बनता है। अंतिम पूँजी तक पहुंचने के लिए लाभ हिस्सा रुपये 20000 चाहिए। / After applying known credits and debits balance before profit is Rs 145000. Profit share of Rs 20000 is needed to reach closing capital.
ब की अंतिम पूँजी रुपये 92000 है। प्रारंभिक पूँजी रुपये 85000 लाभ हिस्सा रुपये 18000 आहरण पर ब्याज रुपये 1000 और अतिरिक्त पूँजी रुपये 5000 है। आहरण कितना था?
क्रेडिट के बाद पूँजी रुपये 108000 बनती है। अंतिम रुपये 92000 पाने के लिए आहरण और ब्याज कुल रुपये 16000 हैं इसलिए आहरण रुपये 15000 है। / After credits capital becomes Rs 108000. To reach closing Rs 92000 drawings and interest total Rs 16000 so drawings are Rs 15000.
लाभ-भागीदारी का कुल अनुपात = 7 + 3 = 10। अ का हिस्सा = 7/10 भाग। इसलिए अ की आवश्यक पूँजी = (7/10) × ₹4,00,000 = ₹2,80,000। भ्रमित करने वाले विकल्पों में से ₹2,00,000 संभवत: अनुपात 1:1 मानने पर आएगा और ₹1,20,000 3/10 भाग के बराबर है (यह ब का हिस्सा होगा)। परीक्षा टिप: कुल अनुपात पहले जोड़ें, फिर इच्छित भाग का अनुपात कुल पूँजी से गुणा करें। / Total profit-sharing ratio = 7 + 3 = 10. A's share = 7/10. Therefore A's required capital = (7/10) × Rs 400,000 = Rs 280,000. Among distractors, Rs 200,000 would arise if someone incorrectly assumed equal halves (1:1), and Rs 120,000 equals 3/10 which is B's share. Exam tip: add the ratio parts first, then multiply the required partner's ratio fraction by total capital.
सिद्धांत: जब किसी साथी की पूँजी को आधार माना जाता है तो अन्य साथियों की पूँजी लाभ-विभाजन अनुपात के समानुपाती होनी चाहिए। गणना: अ का हिस्सा 4 भाग है और वह रुपये 240000 है, इसलिए एक भाग = 240000 ÷ 4 = 60000। ब का हिस्सा 3 भाग है, अत: ब की पूँजी = 3 × 60000 = 180000 रुपये। गलत विकल्प: विकल्प B (120000) यह 2 भाग का मान दर्शाता है, इसलिए गलत है; विकल्प D (240000) अ के बराबर है यानी 4 भाग, जो ब के 3 भाग से मेल नहीं खाता। परीक्षा-सुझाव: आधार वाले साथी के हिस्से से विभाजन करके एक भाग निकाले — फिर बाकी साथियों के हिस्सों का गुणा करें। / Concept: If one partner's capital is taken as base, all partners' capitals must be proportional to their profit-sharing ratio. Calculation: A's share = 4 parts and equals Rs 240000, so one part = 240000 ÷ 4 = Rs 60000. B's share = 3 parts, hence B's capital = 3 × 60000 = Rs 180000. Why other options are wrong: Option B (Rs 120000) corresponds to 2 parts, not B's 3 parts, so it's incorrect; Option D (Rs 240000) equals A's 4 parts, not B's 3 parts. Exam tip: Divide the base capital by the base partner's ratio to get one part, then multiply by the required partner's parts.
A. चालू खाते के शेष पूँजी खातों में स्थानांतरित करें/Transfer current account balances to capital accounts
Explanation
Simple Explanation
पूँजी समायोजन सही तभी होगा जब प्रत्येक साझेदार की वास्तविक पूँजी ज्ञात हो। इसलिए चालू खाते पहले पूँजी में मिलाए जाते हैं। / Capital adjustment is correct only when real capital of each partner is known. Therefore current accounts are first transferred to capital.